कर्नाटक

डॉ. जी परमेश्वर का बयान, कहा—नीतियों का उद्देश्य जनता का भला होना चाहिए

Kavita2
15 May 2026 2:33 PM IST
डॉ. जी परमेश्वर का बयान, कहा—नीतियों का उद्देश्य जनता का भला होना चाहिए
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के होम मिनिस्टर डॉ. जी परमेश्वर ने शुक्रवार को नीति और कानून निर्माण को लेकर विपक्षी बीजेपी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि क्या बीजेपी जब सत्ता में थी, तब उसने कोई पॉलिसी स्टेटमेंट नहीं दिया था और क्या उसके द्वारा बनाए गए कानून और नीतियां वास्तव में जनता के हित में थीं या नहीं, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. परमेश्वर ने कहा कि किसी भी सरकार का मुख्य उद्देश्य ऐसी नीतियां और कानून बनाना होना चाहिए, जिनसे जनता का भला हो और समाज में शांति बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कोई भी नीति नहीं लाई जानी चाहिए, जिससे लोगों के बीच अनावश्यक तनाव या आक्रोश पैदा हो।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समाज में संतुलन बनाए रखे और ऐसे फैसलों से बचे, जिनसे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। उनके अनुसार, कानून और नीति निर्माण का मकसद विकास और जनकल्याण होना चाहिए, न कि विवाद या टकराव को बढ़ावा देना।

हिजाब मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हिजाब कर्नाटक में लंबे समय से एक धार्मिक परंपरा के रूप में मौजूद रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कोई नई नीति नहीं लाई गई है, बल्कि मौजूदा सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखा गया है।

डॉ. परमेश्वर के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हिजाब और शिक्षा से जुड़े नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार अपनी स्थिति को स्पष्ट करने में जुटी है।

होम मिनिस्टर ने कहा कि सरकार का ध्यान विकास कार्यों और जनता की भलाई पर केंद्रित है, और इसी दिशा में सभी निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि किसी भी नीति का उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।

इस बयान के बाद कर्नाटक की राजनीतिक हलचल एक बार फिर बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी की संभावना जताई जा रही है।

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