
Karnataka कर्नाटक: डिप्टी चीफ मिनिस्टर और KPCC अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (BC) और अल्पसंख्यक समुदायों के वोटों को कम करने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्टर्स से बातचीत में डीके शिवकुमार ने कहा कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के माध्यम से कुछ वर्गों के मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम खास समुदायों के वोटिंग अधिकारों को कमजोर करने की दिशा में उठाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार हर योग्य नागरिक के वोटिंग अधिकार की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में हर उस व्यक्ति को मतदान का अधिकार है जो भारत में जन्मा है और नियमों के अनुसार मतदाता बनने के योग्य है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि इस विषय पर उनके पास पर्याप्त जानकारी है और कांग्रेस पार्टी सभी स्तरों पर जागरूकता अभियान चला रही है ताकि किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से न हटाया जाए।
उन्होंने विपक्षी दलों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी और जेडीएस को भी अपने मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए और इस प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने दोहराया कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि SC, BC और अल्पसंख्यक समुदायों के वोटों को कम करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा और हर पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर बहस तेज हो गई है।





