
बेंगलुरु। कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (KPSC) की पशु चिकित्सा पदों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार और भाजपा नेता बसवराज कन्नाले को लेकर CID जांच में नए तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों के बीच कथित आर्थिक लेन-देन और यात्रा खर्च से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
CID की जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, बसवराज कन्नाले ने कथित तौर पर IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार और उनकी करीबी महिला मित्र से जुड़े कुछ खर्चों का भुगतान किया। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन भुगतान का उद्देश्य क्या था और क्या इनका भर्ती मामले से कोई संबंध है।
जांच के मुताबिक, बसवराज कन्नाले ने कथित रूप से ज्ञानेंद्र कुमार और उनकी महिला मित्र की यात्राओं के लिए करीब 11 लाख रुपये खर्च किए। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्राओं से जुड़े टिकट और अन्य खर्च शामिल बताए जा रहे हैं। जांच में करीब 23 हवाई टिकटों का भी जिक्र किया गया है।
CID के अनुसार, ये टिकट बीदर स्थित बसवराज कन्नाले की कंपनी ‘भगवती एंटरप्राइजेज’ के माध्यम से खरीदे गए थे। जांच अधिकारी अब इन यात्राओं, भुगतान के स्रोत और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।
KPSC भर्ती अनियमितता मामले में जांच
यह पूरा मामला कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। पशु चिकित्सा विभाग के पदों पर भर्ती को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद CID ने जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान कई अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार और भाजपा नेता बसवराज कन्नाले का नाम सामने आया और दोनों को गिरफ्तार किया गया।
CID का फोकस इस बात पर है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह का अनुचित प्रभाव, आर्थिक लेन-देन या अन्य अनियमितता हुई थी या नहीं।
आर्थिक लेन-देन की जांच
जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी सरकारी अधिकारी के निजी खर्चों का भुगतान किए जाने की स्थिति में उसके कारण और उद्देश्य की जांच जरूरी होती है।
CID यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बसवराज कन्नाले और IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के बीच संबंधों की प्रकृति क्या थी और क्या इन खर्चों का किसी सरकारी काम या भर्ती प्रक्रिया से कोई कनेक्शन था।
यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल
जांच में सामने आए यात्रा रिकॉर्ड के आधार पर अधिकारियों ने टिकट बुकिंग, भुगतान माध्यम और यात्राओं के उद्देश्य की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि यात्राओं में देश के अलग-अलग हिस्से शामिल थे, जिनमें उत्तर प्रदेश के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल भी शामिल बताए गए हैं। CID इन सभी यात्राओं की समय-सीमा और भर्ती मामले से जुड़े घटनाक्रमों के साथ उनका मिलान कर रही है।
कंपनी के जरिए भुगतान का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ टिकट भगवती एंटरप्राइजेज के माध्यम से खरीदे गए थे। अब जांच का एक हिस्सा यह भी है कि कंपनी के खातों से किए गए भुगतान का रिकॉर्ड क्या है और इन खर्चों को किस रूप में दर्ज किया गया था।
CID अधिकारियों की ओर से मामले में आगे की जांच जारी होने की बात कही गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन लेन-देन और यात्राओं का भर्ती मामले से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
आरोप और जांच प्रक्रिया
किसी भी आपराधिक मामले में जांच एजेंसियां सबूतों, दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर आगे बढ़ती हैं। इस मामले में भी CID कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का पक्ष और अदालत की आगे की कार्यवाही भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल मामला जांच के चरण में है।
राजनीतिक असर
इस मामले में भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, जांच एजेंसी की जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
कर्नाटक में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती हैं कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से हुई या नहीं।
फिलहाल CID IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार, बसवराज कन्नाले और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।





