कर्नाटक

किसानों का पूरा कर्ज माफ करे केंद्र सरकार, डिप्टी CM जी. परमेश्वर ने उठाई मांग

Kavita2
20 Sept 2026 1:30 PM IST
किसानों का पूरा कर्ज माफ करे केंद्र सरकार, डिप्टी CM जी. परमेश्वर ने उठाई मांग
x

तुमकुर। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने केंद्र सरकार से देशभर के किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही किसानों के लोन पर ब्याज माफ करने का कदम उठा चुकी है और अब केंद्र सरकार को भी किसानों को बड़ी राहत देने के लिए पूरे देश में कर्ज माफी का फैसला लेना चाहिए।

डिप्टी सीएम परमेश्वर ने यह बयान तुमकुर जिले के कुनिगल तालुक स्थित हुलियुरदुर्गा में आयोजित ‘प्रजा सेवा आंदोलन’ की बैठक के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रहे किसानों को राहत देने के लिए बड़े फैसलों की जरूरत है।

परमेश्वर ने कहा कि अगर केंद्र सरकार पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ करती है तो राज्य सरकार इसका श्रेय लेने की कोशिश नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस फैसले का पूरा श्रेय ले सकती है, लेकिन किसानों को राहत मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति, फसल नुकसान, सूखा और बढ़ती लागत जैसी समस्याओं को देखते हुए कर्ज का बोझ कम करना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसानों के हित में व्यापक स्तर पर कदम उठाने की अपील की।

UPA सरकार की कर्ज माफी का किया जिक्र

डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने अपने संबोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन UPA सरकार द्वारा घोषित किसान कर्ज माफी योजना का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए करीब 72,000 करोड़ रुपये की कर्ज माफी योजना की घोषणा की थी। परमेश्वर ने कहा कि इसी तरह वर्तमान समय में भी किसानों की परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार को बड़ा फैसला लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है। किसानों की समस्याएं किसी एक राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देशभर के किसान कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

राज्य सरकार ने ब्याज माफी का उठाया कदम

कर्नाटक सरकार की ओर से किसानों के लोन पर ब्याज माफी के फैसले का भी डिप्टी सीएम ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को राहत देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि जो किसान आर्थिक संकट में हैं, उनकी मदद के लिए सरकार प्रयास कर रही है। खेती से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी काम किया जा रहा है।

किसानों की समस्याओं पर विशेष विधानसभा सत्र

कर्नाटक में किसानों की समस्याओं और सूखे की स्थिति पर चर्चा के लिए 21 से 23 सितंबर तक तीन दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुलाया गया है।

इस विशेष सत्र में राज्य के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें किसानों की स्थिति, सूखे से प्रभावित क्षेत्र, राहत उपाय और कृषि से जुड़े विषय प्रमुख रहेंगे।

इसके अलावा सात जिलों में हरित क्षेत्रों और वन संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट के प्रभाव को लेकर भी विधानसभा में विचार-विमर्श किया जाएगा।

कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा

कस्तूरीरंगन समिति की रिपोर्ट पश्चिमी घाट क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी है। कर्नाटक के कई इलाकों में इस रिपोर्ट को लेकर स्थानीय लोगों और किसानों की चिंताएं सामने आती रही हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का असर उनकी खेती और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। वहीं, पर्यावरण संरक्षण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को जरूरी बताया जाता है।

विशेष विधानसभा सत्र में सरकार इन सभी पहलुओं पर चर्चा करेगी और प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा।

किसानों को राहत देने पर जोर

डिप्टी सीएम परमेश्वर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं, जिनमें मौसम की अनिश्चितता, फसल नुकसान और आर्थिक दबाव शामिल हैं।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि किसानों के हित में सभी स्तरों पर मिलकर काम किया जाना चाहिए।

राजनीतिक चर्चा भी तेज

किसानों की कर्ज माफी का मुद्दा अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। अलग-अलग राजनीतिक दल समय-समय पर किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कर्ज राहत की मांग उठाते रहे हैं।

डॉ. जी. परमेश्वर के बयान के बाद एक बार फिर किसानों के कर्ज माफी का मुद्दा चर्चा में आ गया है। जहां कांग्रेस इसे किसानों की राहत से जोड़ रही है, वहीं केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर प्रतिक्रिया का इंतजार है।

कर्नाटक सरकार का कहना है कि वह किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और राहत के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार से देशभर के किसानों के लिए व्यापक कर्ज माफी योजना लागू करने की मांग की है।

Next Story