
Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को पशुपालन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दूध प्रोत्साहन और सब्सिडी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि जारी होते ही SMS के माध्यम से सूचना दी जाए। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद यह विभाग के साथ उनकी पहली बैठक थी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचना चाहिए, ताकि लाभार्थियों को समय पर पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि SMS अलर्ट सिस्टम से लाभार्थियों को तुरंत अपडेट मिलना चाहिए।
फिलहाल पशुपालन विभाग का प्रभार किसी मंत्री को नहीं सौंपा गया है और विभाग सीधे मुख्यमंत्री की निगरानी में कार्य कर रहा है। इसी संदर्भ में यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान 'नेशनल लाइवस्टॉक मिशन' के तहत चल रही योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से यह जानकारी मांगी कि अब तक कितने लाभार्थियों को इसका लाभ मिला है और योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का डेटा पारदर्शी तरीके से संकलित किया जाए और लाभ वितरण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में संभावित सूखे और चारे की कमी की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से तैयारी जरूरी है। चारे के भंडारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पशुपालन से जुड़ी सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाए, ताकि आवश्यक सुधार तुरंत किए जा सकें।
इस बैठक को पशुपालन क्षेत्र में प्रशासनिक सुधार और लाभार्थी केंद्रित व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





