
Karnataka कर्नाटक: रविवार को बेंगलुरु के उत्तरा नगर कॉर्पोरेशन क्षेत्र के अंतर्गत सहकारी नगर इलाके में आवारा कुत्तों के झुंड ने साढ़े तीन साल की बच्ची पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना ने शहर में आवारा जानवरों की बढ़ती समस्या, उनकी आबादी नियंत्रण और शहरी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। साथ ही यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार शेल्टर और पशु प्रबंधन व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठा रहा है।
बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कमिश्नर पोम्माला सुनील कुमार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा है कि हमले में शामिल खतरनाक कुत्तों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बेंगलुरु नॉर्थ अर्बन कॉर्पोरेशन के पशुपालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एच.के. गंगाधरैया के अनुसार, यह घटना शाम के समय उस वक्त हुई जब बच्ची अपने शेड से बाहर निकली थी। बच्ची हनुमंतप्पा की बेटी है और उसका परिवार मूल रूप से यादगीर का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक, जैसे ही बच्ची कंस्ट्रक्शन साइट के पास बने शेड से बाहर आई, आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया और उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान बच्ची मदद के लिए चीखती रही, जिससे आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और बच्ची को बचाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्ची की चीखें और लोगों द्वारा कुत्तों को भगाने की कोशिश साफ देखी जा सकती है।
फिलहाल बच्ची का इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है। प्रशासन ने इलाके में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही है।
स्थानीय नागरिकों ने इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।





