कर्नाटक

CM की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आज, दो नए विभागों के गठन पर चर्चा संभव

Kavita2
20 Jun 2026 10:34 AM IST
CM की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आज, दो नए विभागों के गठन पर चर्चा संभव
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Karnataka कर्नाटक: आज मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में दो नए विभागों के गठन और विधान परिषद की पांच सीटों पर नामांकन को लेकर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।

प्रस्तावित विभागों में ‘मुख्यमंत्री जनसंपर्क और लोक प्रशासन विभाग’ तथा ‘अनिवासी भारतीय मामलों का विभाग’ शामिल हैं। इन विभागों के गठन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पहले से चल रही हैं और कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले कल विधान सौधा कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में तटीय पर्यटन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में राज्य के पर्यटन विकास और तटीय क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई थी। इसी दौरान दो नए विभागों के गठन की घोषणा का संकेत भी दिया गया था।

D.K. Shivakumar की अध्यक्षता में होने वाली आज की कैबिनेट बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई प्रशासनिक और राजनीतिक फैसले एक साथ लिए जा सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि इन प्रस्तावों को कैबिनेट एजेंडा में शामिल करने के लिए आवश्यक औपचारिक कदम तुरंत पूरे किए जाएं। इसके बाद विभागीय स्तर पर सभी फाइलों और प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में केवल विभागों के गठन ही नहीं, बल्कि विधान परिषद की पांच रिक्त सीटों पर नामांकन को लेकर भी चर्चा होगी। इन नामांकनों को लेकर राजनीतिक स्तर पर पहले से ही गतिविधियां तेज हैं और विभिन्न नामों पर विचार किया जा रहा है।

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि प्रस्तावित नए विभागों के गठन से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विशेषकर जनसंपर्क तथा प्रवासी भारतीय मामलों से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।

कैबिनेट बैठक में राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही तटीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लिए गए पिछले फैसलों पर भी आगे की रणनीति तय की जा सकती है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैठक सरकार की आगामी नीतिगत दिशा को स्पष्ट कर सकती है और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत दे सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बैठक में किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है और किन मुद्दों पर आगे विचार के लिए समय दिया जाता है।

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