
बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु ज़ोन ने 'फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट' (FEMA) के तहत शहर में छह जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई कई कंपनियों द्वारा 'वर्चुअल डिजिटल एसेट्स' (VDA) का इस्तेमाल करके बिना इजाज़त पैसे के क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसफर (सीमा-पार लेन-देन) के आरोपों के बाद की गई।
शुरुआती जांच में पता चला कि FEMA का उल्लंघन करते हुए 2,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा का पैसा बिना इजाज़त सीमा-पार ट्रांसफर किया गया। जिन मुख्य कंपनियों के यहां तलाशी ली गई, उनमें ट्रांसक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, कैरेटएक्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, मोक्षज्ञा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, बायहटके इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और अभिभा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
इनमें से कुछ कंपनियों के बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है, जिनमें लगभग 6 करोड़ रुपये का बैलेंस है। ED ने यह जांच एक शिकायत के आधार पर शुरू की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बेंगलुरु स्थित अनधिकृत पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर FEMA का उल्लंघन कर रहे हैं।
VDA के ज़रिए पैसे का क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसफर करने वाली इनमें से कोई भी कंपनी RBI द्वारा अधिकृत नहीं है। ये कंपनियां RBI द्वारा इनवर्ड और आउटवर्ड रेमिटेंस (पैसे के आने और जाने) के लिए ज़रूरी नियमों, जैसे 'पर्पस कोड', FIRC आदि का पालन नहीं कर रही हैं। इनमें से ज़्यादातर कंपनियों ने विदेशी अधिकार क्षेत्र में रजिस्टर्ड और भारत से कंट्रोल व ऑपरेट होने वाली संबंधित कंपनियों के ज़रिए काम करके आधिकारिक चैनल से बचने का रास्ता अपनाया।





