कर्नाटक

खाली प्लॉट की सफाई के दौरान बिस्तर में लिपटा मिला महिला का शव

Kavita2
25 Sept 2026 2:53 PM IST
खाली प्लॉट की सफाई के दौरान बिस्तर में लिपटा मिला महिला का शव
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बेंगलुरु। शहर में एक खाली प्लॉट की सफाई के दौरान महिला का सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी फैल गई। संपीगेहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के एमएस नगर स्थित अग्रहारा लेआउट में मजदूरों को एक गड्ढे में बिस्तर और गद्दे में लिपटा हुआ महिला का शव मिला। शव काफी पुराना होने के कारण उसकी पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो महिला के कपड़ों पर लगे एक मॉल के टैग ने पूरे मामले की कड़ी जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच के बाद मृतका की पहचान अनसूया के रूप में हुई और पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके पति को गिरफ्तार कर लिया।

मामला उस समय सामने आया जब ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) की ओर से खाली प्लॉट को साफ रखने को लेकर जारी सख्त निर्देशों के बाद संबंधित प्लॉट के मालिक ने जमीन की सफाई कराने के लिए मजदूरों को भेजा। मजदूर प्लॉट पर जमा कचरा और झाड़ियां साफ कर रहे थे।

सफाई के दौरान मजदूरों की नजर एक गड्ढे में पड़े बिस्तर और गद्दे पर पड़ी। संदिग्ध स्थिति देखकर जब इसकी जांच की गई तो उसके भीतर महिला का शव मिला। शव मिलने के बाद मजदूरों ने इसकी सूचना संबंधित लोगों को दी और मामला पुलिस तक पहुंचा।

जानकारी मिलते ही संपीगेहल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। शव काफी सड़ चुका था और उसकी हालत ऐसी थी कि केवल देखकर महिला की पहचान करना संभव नहीं था।

प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया गया कि शव करीब 20 से 30 दिन पुराना हो सकता है। लंबे समय तक खुले प्लॉट के गड्ढे में पड़े रहने के कारण शव काफी हद तक सड़ चुका था और कंकाल जैसी स्थिति में पहुंच गया था।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना थी। शव के पास ऐसा कोई स्पष्ट पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिला था, जिससे तुरंत यह पता लगाया जा सके कि महिला कौन थी और वह कहां की रहने वाली थी।

इसके बाद जांच टीम ने शव के साथ मिले कपड़ों और अन्य वस्तुओं की बारीकी से जांच शुरू की। इसी दौरान महिला के कपड़ों पर एक मॉल का टैग मिला। मामूली दिखने वाला यह टैग जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।

पुलिस ने टैग के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया कि कपड़े कहां से खरीदे गए थे। जांच की कड़ी भुवनेश्वर स्थित एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक पहुंची। इसके बाद संबंधित कपड़ों की खरीद से जुड़ी बिलिंग जानकारी जुटाई गई।

बिल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कपड़ों के खरीदार और महिला की पहचान से जुड़ी कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने मृतका की पहचान अनसूया के रूप में की।

महिला की पहचान होने के बाद पुलिस के लिए मामले की जांच का अगला रास्ता खुल गया। पुलिस ने अनसूया से जुड़े लोगों, उसके परिवार और उसके संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।

जांच का दायरा महिला के पति तक पहुंचा। पुलिस ने उससे पूछताछ की और मामले से संबंधित अन्य तथ्यों की जांच की। जांच के बाद पुलिस ने पति को हत्या का आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब हत्या की परिस्थितियों और शव को खाली प्लॉट तक पहुंचाए जाने से जुड़ी पूरी कड़ी की जांच कर रही है। महिला की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, हत्या कहां की गई और शव को किस तरह बिस्तर तथा गद्दे में लपेटकर प्लॉट के गड्ढे तक पहुंचाया गया, इन पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।

घटना का खुलासा भी संयोग से हुआ। यदि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी की ओर से खाली प्लॉट की सफाई को लेकर सख्ती नहीं की जाती और जमीन मालिक मजदूरों को सफाई के लिए नहीं भेजता तो शव का पता लगने में और समय लग सकता था।

प्लॉट लंबे समय से खाली पड़ा था। वहां जमा कचरे और अन्य सामग्री को हटाते समय ही मजदूर उस जगह तक पहुंचे जहां शव पड़ा था। बिस्तर और गद्दे में शव लिपटा होने के कारण सामान्य तौर पर बाहर से इसकी पहचान करना मुश्किल था।

शव की स्थिति ने पुलिस की जांच को शुरुआत में चुनौतीपूर्ण बना दिया था। करीब 20 से 30 दिन पुराना होने के कारण चेहरे या सामान्य शारीरिक पहचान के आधार पर मृतका की शिनाख्त आसान नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने उसके कपड़ों और उनके टैग जैसे छोटे सुरागों पर काम किया।

मॉल टैग की जांच से पुलिस भुवनेश्वर के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक पहुंची। वहां से कपड़ों के बिल से संबंधित जानकारी मिलने के बाद जांच को नई दिशा मिली। इसी जानकारी के आधार पर अनसूया की पहचान होने की बात सामने आई है।

पहचान स्थापित होने के बाद जांच टीम ने महिला के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद शक की दिशा उसके पति की ओर गई। जांच के आधार पर पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया।

मामले में पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। घटनास्थल से मिले सामान, शव के साथ मौजूद कपड़े और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच से भी महिला की मौत से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

मृतका की पहचान में कपड़ों के टैग की भूमिका इस मामले में बेहद अहम रही। जिस शव की पहचान उसकी हालत के कारण मुश्किल मानी जा रही थी, उसके कपड़ों से मिले एक छोटे से सुराग ने पुलिस को खरीदारी के रिकॉर्ड तक पहुंचा दिया।

फिलहाल पुलिस ने अनसूया के पति को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। हत्या के पीछे की वजह और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए जांच जारी है।

खाली प्लॉट की सामान्य सफाई के रूप में शुरू हुआ काम इस तरह एक कथित हत्या के खुलासे तक पहुंच गया। मजदूरों को मिले शव और कपड़ों के मॉल टैग से शुरू हुई जांच ने मृतका की पहचान अनसूया के रूप में कराई और आखिरकार पुलिस उसके पति तक पहुंची।

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