
हसन। कर्नाटक के हसन जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 67 वर्षीय महिला का शव प्लास्टिक की बोरी में भरकर हेमावती नहर में फेंका हुआ मिला। मृतका की पहचान अराकलगुडु तालुक के हिरेहल्लीकोप्पलु गांव निवासी लक्ष्मम्मा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मम्मा अपने पति के साथ गांव में रहती थीं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मम्मा 3 अक्टूबर को किसी काम से घर से निकली थीं, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। परिवार के लोग देर तक इंतजार करते रहे और फिर आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की। परिचितों और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया, लेकिन लक्ष्मम्मा का कोई पता नहीं चला।
परिवार की तलाश के बीच मंगलवार शाम अराकलगुडु तालुक के बेट्टदाहल्ली गांव के पास हेमावती नहर में एक संदिग्ध प्लास्टिक की बोरी दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बोरी को नहर से बाहर निकलवाया।
जब बोरी खोली गई तो उसमें एक महिला का शव मिला। इसके बाद पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान शव की पहचान लक्ष्मम्मा के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत उनके परिवार को इसकी जानकारी दी।
महिला का शव जिस तरह से प्लास्टिक की बोरी में भरकर नहर में फेंका गया था, उससे पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को नहर तक कौन लेकर गया।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मंगलवार शाम से पहले नहर के आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि को किसी ने देखा था या नहीं।
लक्ष्मम्मा के 3 अक्टूबर को घर से निकलने के बाद उनकी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में थीं और घर से निकलने के बाद कहां गई थीं।
मामले में मोबाइल फोन से जुड़े रिकॉर्ड, यदि उपलब्ध हों, तो उनकी भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा गांव और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की संभावना है।
पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि लक्ष्मम्मा किसी वाहन से कहीं गई थीं या पैदल ही घर से निकली थीं। इस संबंध में परिवार के सदस्यों और गांव के लोगों से जानकारी ली जा रही है।
शव बरामद होने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की जांच की दिशा तय करेगी।
फिलहाल पुलिस हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है।
महिला का शव बोरी में मिलने के कारण यह संभावना भी जांच के दायरे में है कि मौत के बाद शव को छिपाने की कोशिश की गई हो। हालांकि यह केवल जांच का विषय है और इसकी पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
घटना के बाद हिरेहल्लीकोप्पलु गांव में शोक और चिंता का माहौल है। लक्ष्मम्मा के परिवार के लोग इस घटना से सदमे में हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
गांव के लोगों ने भी पुलिस से जल्द से जल्द घटना की सच्चाई सामने लाने और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती 3 अक्टूबर से शव मिलने तक के समय की पूरी कड़ी जोड़ने की है। यह पता लगाना जरूरी है कि इन दिनों लक्ष्मम्मा कहां थीं और उनके साथ क्या हुआ।
जांच अधिकारी महिला के सामाजिक और पारिवारिक संपर्कों की भी जानकारी जुटा रहे हैं। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि क्या किसी व्यक्ति से उनका कोई विवाद या मतभेद था।
हालांकि परिवार की ओर से किसी विशेष व्यक्ति पर आरोप लगाए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस फिलहाल तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
हेमावती नहर के जिस हिस्से से शव मिला, वहां पानी के बहाव की दिशा की भी जांच की जा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शव उसी स्थान से नहर में फेंका गया था या पानी के साथ बहकर वहां पहुंचा।
यदि शव किसी दूसरे स्थान से बहकर आया है तो जांच का दायरा आसपास के अन्य इलाकों तक बढ़ सकता है। पुलिस इस संभावना को भी ध्यान में रख रही है।
घटनास्थल के आसपास किसी वाहन के आने-जाने के निशान, संदिग्ध वस्तुएं या अन्य साक्ष्य मिले हों तो उनकी भी जांच की जाएगी। फोरेंसिक टीम की मदद से ऐसे मामलों में अहम सुराग मिल सकते हैं।
महिला के घर से निकलने के समय उन्होंने क्या पहना था और उनके पास कौन-कौन सी वस्तुएं थीं, इसकी जानकारी भी परिवार से ली जा रही है। इससे शव और बरामद सामान की पहचान में मदद मिल सकती है।
मामले में पुलिस यह भी जांच सकती है कि महिला के पास कोई आभूषण या नकदी थी या नहीं और शव मिलने के समय वह सामान मौजूद था या गायब।
इससे लूट, व्यक्तिगत विवाद या अन्य किसी संभावित कारण की दिशा में जांच आगे बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
स्थानीय पुलिस ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
परिवार के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और महिला के पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल लक्ष्मम्मा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमार्टम से यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, दुर्घटना में हुई या किसी आपराधिक घटना का परिणाम थी।
हसन जिले के अराकलगुडु तालुक में सामने आई इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। एक सप्ताह से कम समय से लापता महिला का शव प्लास्टिक की बोरी में नहर से मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
अब पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों से ही यह साफ हो सकेगा कि लक्ष्मम्मा की मौत कैसे हुई और उनका शव हेमावती नहर तक किसने पहुंचाया।





