
बेंगलुरु। नयनदहल्ली के विनायक लेआउट में गैस सिलेंडर फटने की घटना ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में एक महिला और उसके तीन साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के कई अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान लक्ष्मम्मा और उनके तीन साल के जुड़वां बच्चों में से एक के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, सिलेंडर विस्फोट में लक्ष्मम्मा गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उनके शरीर का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। उन्हें गंभीर हालत में विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई।
हादसे में उनका तीन साल का बच्चा भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। उपचार के दौरान बच्चे की भी मौत हो गई। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।
घटना विनायक लेआउट स्थित एक घर में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घर में गैस रिसाव की समस्या पहले से बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से सिलेंडर में लीकेज हो रहा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस समस्या को दूर कराने के लिए कोई तकनीकी जांच कराई गई थी या नहीं।
हादसे के समय परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे। बताया गया कि घर का दरवाजा खोलने के बाद खाना बनाने के लिए स्टोव जलाया गया। इसी के कुछ ही देर बाद तेज धमाका हुआ और आग फैल गई।
आशंका जताई जा रही है कि सिलेंडर से रिसी गैस घर के अंदर जमा हो गई थी और जैसे ही स्टोव जलाया गया, आग ने गैस को पकड़ लिया। इसके बाद सिलेंडर में विस्फोट हो गया। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग भी घबरा गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
हादसे में परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची। घर का निरीक्षण किया गया और सिलेंडर तथा गैस कनेक्शन से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की गई।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिलेंडर में लीकेज कब से था और परिवार ने इसकी शिकायत गैस एजेंसी या किसी अन्य जिम्मेदार व्यक्ति से की थी या नहीं।
यदि वास्तव में तीन दिनों से गैस रिसाव हो रहा था, तो यह भी जांच का अहम विषय होगा कि समस्या को ठीक क्यों नहीं कराया गया और सिलेंडर का उपयोग क्यों जारी रखा गया।
घटना के बाद गैस सिलेंडर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। घरों में एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते समय लीकेज की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। गैस की गंध आने पर बिजली के स्विच, माचिस या किसी भी तरह की आग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में सबसे पहले रेगुलेटर बंद करना, दरवाजे और खिड़कियां खोलना तथा गैस एजेंसी या आपात सेवा को सूचना देना जरूरी होता है।
नयनदहल्ली की इस घटना में जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि गैस पाइप, रेगुलेटर या सिलेंडर में से किस हिस्से से लीकेज हो रहा था।
घर के भीतर हवा का पर्याप्त आवागमन था या नहीं, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है। यदि गैस बंद कमरे में जमा हो जाए तो छोटी सी चिंगारी भी बड़े विस्फोट की वजह बन सकती है।
पुलिस की ओर से परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों से भी जानकारी ली जा रही है। इससे हादसे से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार धमाके के बाद घर के भीतर आग और धुआं फैल गया था। परिवार के सदस्यों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दमकल विभाग की भूमिका और घटनास्थल पर आग बुझाने की कार्रवाई से जुड़े विवरण भी जुटाए जा रहे हैं। आग पर नियंत्रण के बाद घर के अंदर की स्थिति का निरीक्षण किया गया।
विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती लक्ष्मम्मा की हालत शुरू से ही गंभीर बताई जा रही थी। शरीर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जलने के कारण डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे थे, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
उनके तीन साल के बच्चे की मौत ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जुड़वां बच्चों में से एक की मौत के बाद दूसरे बच्चे और परिवार के अन्य घायलों की स्थिति पर भी डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
हादसे के बाद इलाके में लोगों के बीच गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ी है। स्थानीय लोग सिलेंडर और रेगुलेटर की नियमित जांच कराने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
गैस एजेंसियों की ओर से भी उपभोक्ताओं को समय-समय पर सुरक्षा निर्देश दिए जाते हैं। पाइप पुराना होने, रेगुलेटर में खराबी या गैस की गंध आने पर तुरंत उपयोग बंद करने की सलाह दी जाती है।
इस घटना में यदि पहले से लीकेज की जानकारी थी, तो जांच में यह पहलू बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। पुलिस यह पता लगाएगी कि लीकेज की समस्या किसे बताई गई थी और क्या उसके बाद कोई कार्रवाई हुई थी।
फिलहाल मृतकों के शव से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टर उनकी स्थिति के आधार पर उपचार कर रहे हैं।
नयनदहल्ली के विनायक लेआउट में हुई इस घटना ने गैस सिलेंडर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चेतावनी दी है। छोटी सी लापरवाही या समय पर लीकेज ठीक न होना बड़े हादसे में बदल सकता है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग सिलेंडर विस्फोट की वास्तविक वजह की जांच कर रहे हैं। लक्ष्मम्मा और उनके तीन साल के बच्चे की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि अन्य घायल सदस्य अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।





