
Karnataka कर्नाटक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बेंगलुरु दौरे और शहर के BJP नेताओं के साथ उनकी बातचीत के बाद पार्टी ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) चुनावों के लिए अपनी संगठनात्मक और चुनावी रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। पार्टी अब जमीनी स्तर पर तैयारी को धार देने में जुट गई है।
BJP ने तय किया है कि 15 मई को बेंगलुरु शहर के सभी विधायकों (MLA), सांसदों (MP) और प्रमुख नेताओं के साथ एक विशेष सलाह-मशविरा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में चुनावी रणनीति, उम्मीदवार चयन और वार्ड स्तर पर प्रचार की योजना पर विस्तृत चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में खास तौर पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया, स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं की राय को प्रभावित करने की रणनीति और एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य हर वार्ड में मजबूत उम्मीदवार उतारना और चुनावी तैयारियों को समय रहते अंतिम रूप देना है।
कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक GBA चुनाव जून के दूसरे या तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है और उम्मीदवारों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस बीच, BJP के राज्य अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में बेंगलुरु की शहरी अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) लगातार खराब हुई है और शहर की बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।
उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन प्रणाली पूरी तरह से असफल हो गई है, सड़कों की हालत खराब हो चुकी है और पानी की समस्या भी बढ़ गई है। विजयेंद्र के अनुसार, कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘ब्रांड बेंगलुरु’ अभियान जमीन पर कोई ठोस परिणाम नहीं दे सका है।
बी.वाई. विजयेंद्र ने यह भी दावा किया कि बेंगलुरु हमेशा से BJP का मजबूत आधार रहा है और पार्टी इस बार GBA के तहत आने वाले सभी पांच नगर निगमों में बहुमत हासिल करने के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेंगलुरु के आगामी स्थानीय चुनाव काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं, क्योंकि यह शहरी प्रशासन और विकास की दिशा तय करेंगे। वहीं BJP और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बनते जा रहे हैं।
फिलहाल सभी पार्टियां उम्मीदवार चयन और जनसंपर्क अभियान को तेज कर चुकी हैं, और आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और अधिक गर्म होने की संभावना है।





