
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में एक बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें एक्सिस बैंक की बागलगुंटे ब्रांच के मैनेजर विनोद कुमार सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अरुण कुमार और किरण शामिल हैं। इन पर एक व्यवसायी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला ट्रांसपोर्ट और मैनपावर एजेंसी चलाने वाले व्यवसायी सुब्रमणि से जुड़ा हुआ है, जिनका मासिक कारोबार दस करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। भारी वित्तीय लेन-देन को देखते हुए बैंक मैनेजर विनोद कुमार की कथित तौर पर इस धन पर नजर पड़ गई थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक मैनेजर ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित योजना बनाई। इसके तहत व्यवसायी को धोखा देने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया गया और किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर एक फर्जी सिम कार्ड भी लिया गया।
आरोप है कि इस फर्जी सिम कार्ड और अन्य तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर व्यवसायी के वित्तीय लेन-देन और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद कथित रूप से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में बैंकिंग सिस्टम के अंदरूनी ज्ञान का दुरुपयोग किया गया, जिससे यह धोखाधड़ी आसान हो गई।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
व्यवसायी सुब्रमणि ने घटना की शिकायत पुलिस से की थी, जिसके बाद जांच टीम गठित की गई। जांच में डिजिटल ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने कहा है कि यह मामला बैंकिंग सेक्टर में साइबर और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और मामले में जल्द ही विस्तृत चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
कुल मिलाकर, इस गिरफ्तारी ने बेंगलुरु में हुए एक बड़े बैंकिंग फ्रॉड का पर्दाफाश किया है, जिसमें बैंक के अंदरूनी कर्मचारियों की भूमिका ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





