कर्नाटक

बेंगलुरु खदान हादसा, MLA ने लगाया गंभीर आरोप

Kavita2
2 July 2026 12:10 PM IST
बेंगलुरु खदान हादसा, MLA ने लगाया गंभीर आरोप
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Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु साउथ तालुक के मदपटना गांव के पास पत्थर की खदान में हुए दर्दनाक हादसे, जिसमें बिहार के सात मजदूरों की मौत हुई, को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में स्थानीय विधायक S. T. Somashekar ने मीडिया से बातचीत में गंभीर आरोप लगाए हैं और घटना को महज लापरवाही नहीं बल्कि एक “आपराधिक कृत्य” बताया है।

विधायक एस.टी. सोमशेखर ने कहा कि खदान में चट्टान गिरने की यह घटना केवल प्रशासनिक चूक का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें गंभीर आपराधिक लापरवाही शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूविज्ञान विभाग और स्थानीय पुलिस ने कथित रूप से अवैध खनन गतिविधियों को संरक्षण देने का काम किया।

उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को पहले भी मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाया गया था, ताकि अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम उठाए जाते तो यह हादसा टाला जा सकता था।

विधायक ने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में सात मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष गंभीरता से उठाएंगे और पूरी जांच की मांग करेंगे।

एस.टी. सोमशेखर ने यह भी कहा कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और स्थानीय पुलिस तथा वन विभाग की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी लगातार बड़ी दुर्घटनाओं को जन्म दे रही है, जिसे अब गंभीरता से रोकने की जरूरत है। विधायक ने यह भी कहा कि सरकार को ऐसी खदानों की नियमित निगरानी करनी चाहिए ताकि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस बीच, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। दुर्घटना स्थल पर रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है और अवैध खनन गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता, तो इतने बड़े नुकसान से बचा जा सकता था।

फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और प्रशासन ने संकेत दिया है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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