कर्नाटक

Bengaluru :मेट्रो का सफर हुआ महंगा

Sarita
5 Feb 2026 9:17 AM IST
Bengaluru :मेट्रो का सफर हुआ महंगा
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Bengaluru : बेंगलुरु (नम्मा) मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को एक बार फिर झटका लगने वाला है। बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने मेट्रो किराए में 5 फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, जो 9 फरवरी 2026 से लागू होगी।
इस फैसले के बाद न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़कर 11 रुपये हो जाएगा और अधिकतम किराया 90 रुपये से बढ़कर 95 रुपये हो जाएगा। BMRCL का कहना है कि यह बढ़ोतरी फेयर फिक्सेशन कमिटी (FFC) की सिफारिशों के आधार पर की जा रही है, जिसने हर साल किराए में स्वचालित संशोधन का प्रस्ताव दिया था।
FFC की सिफारिश: हर साल 5% बढ़ोतरी जरूरी
FFC ने पिछले साल अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मेट्रो के परिचालन घाटे को कम करने और वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए हर साल अधिकतम 5% तक किराया बढ़ाया जा सकता है। BMRCL बोर्ड ने इस सिफारिश को मंजूरी दे दी है और इसके लिए अब केंद्र या राज्य सरकार की अलग से अनुमति की जरूरत नहीं है। एक वरिष्ठ BMRCL अधिकारी ने कहा, “यह बढ़ोतरी FFC के स्वचालित फॉर्मूले का हिस्सा है। यह ऑपरेटर के लिए बाध्यकारी है, इसलिए इसे लागू करना अनिवार्य है।”
किराए में कितना बढ़ेगा बोझ?
नई बढ़ोतरी के बाद यात्रियों को 1 से 5 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
इस फैसले से आम यात्री नाराज हैं। बेंगलुरु मेट्रो एंड सबअर्बन रेल पैसेंजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश मंडोथ ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा: “पिछले साल फरवरी में किराया 71% तक बढ़ा था, जिससे आम यात्रियों पर भारी बोझ पड़ा। अब फिर बढ़ोतरी करना पूरी तरह असंवेदनशील फैसला है।” उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल की बढ़ोतरी के बाद नम्मा मेट्रो भारत की सबसे महंगी मेट्रो बन गई थी।
बेंगलुरु को टॉमटॉम रिपोर्ट में भारत का दूसरा सबसे जाम वाला शहर बताया गया है। सरकार और BMRCL का कहना है कि मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाने से सड़क पर ट्रैफिक कम होगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार किराया बढ़ने से छात्र, नौकरीपेशा लोग और मध्यम और निम्न आय वर्ग मेट्रो छोड़कर फिर से बाइक और कार पर लौट सकते हैं, जिससे जाम और बढ़ सकता है।
हाल ही में शुरू हुई येलो लाइन के कारण मेट्रो यात्रियों की संख्या और राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। फिर भी BMRCL का कहना है कि अगर किराया नहीं बढ़ाया गया, तो 2029-30 तक घाटा 577 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसलिए यह बढ़ोतरी परिचालन लागत और रखरखाव खर्च को संतुलित करने के लिए जरूरी बताई जा रही है।
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