
x
बेलगावी: कर्नाटक में सीमा विवाद से जुड़े मुद्दे को लेकर बेलगावी सिटी कॉरपोरेशन ने 1988 की महाजन रिपोर्ट के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया है। निगम की बैठक में रिपोर्ट को समर्थन देने और उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इस फैसले के बाद कन्नड़ समर्थक संगठनों में उत्साह देखने को मिला।
नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रस्ताव पारित होने की खबर सामने आने के बाद कन्नड़ समर्थक संगठनों से जुड़े लोगों ने खुशी जताई। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर फैसले का स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों ने कन्नड़ भाषा और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े नारे भी लगाए।
महाजन रिपोर्ट का संबंध महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद से है। 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के बाद बेलगावी समेत कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच विवाद बना हुआ है। महाराष्ट्र इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर भाषाई आधार पर दावा करता रहा है, जबकि कर्नाटक बेलगावी को अपने राज्य का अभिन्न हिस्सा मानता है।
इस विवाद के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश मेहर चंद महाजन की अध्यक्षता में आयोग गठित किया था। आयोग ने 1967 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसे आमतौर पर महाजन रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है। हालांकि, दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद का अंतिम समाधान अब तक नहीं हो सका है।
बेलगावी नगर निगम के ताजा प्रस्ताव को इसी पुराने सीमा विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। प्रस्ताव में 1988 की महाजन रिपोर्ट के समर्थन की बात कही गई है। इसके पारित होने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कन्नड़ समर्थक संगठनों ने निगम के फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के समर्थन के तौर पर देखा। वहीं, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद का अंतिम समाधान केंद्र और संबंधित संवैधानिक एवं न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़ा विषय है।
Next Story





