
Karnataka कर्नाटक: शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक, विक्टोरिया हॉस्पिटल में हाल ही में खटमल (बेड बग) के बढ़ते संक्रमण ने मरीज़ों और स्टाफ़ के लिए चिंता का विषय बना दिया है। तीसरी मंज़िल पर स्थित सर्जिकल-गैस्ट्रो वार्ड में खटमल का संक्रमण गंभीर रूप से बढ़ गया है, जिससे न केवल मरीज़ परेशान हैं बल्कि उनके रिश्तेदारों की रातें भी जागकर बीत रही हैं, क्योंकि उन्हें लगातार मरीज़ की देखभाल करनी पड़ रही है।
मरीज़ों के असिस्टेंट ने हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें वार्ड के बिस्तरों और आस-पास के क्षेत्रों में खटमल साफ़ दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद हॉस्पिटल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पेस्ट कंट्रोल और सफाई अभियान शुरू करने के आदेश दिए।
हॉस्पिटल के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने वार्ड में तत्कालीन निरीक्षण किया और प्रभावी पेस्ट कंट्रोल के तरीकों को लागू करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने मरीज़ों और उनके परिवार वालों को आश्वासन दिया कि उन्हें सुरक्षित और साफ़-सुथरा वातावरण मुहैया कराने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
हालांकि, वार्ड के कुछ स्टाफ़ और मरीज़ों ने आरोप लगाया कि यह समस्या कई दिनों से चल रही थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि शिकायत करने के बाद भी संक्रमण रोकने में देरी हुई, जिससे मरीज़ों और कर्मचारियों दोनों को असुविधा झेलनी पड़ी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पताल में खटमल संक्रमण के बढ़ने का मुख्य कारण वार्ड की सफाई में कमी और पुराने फर्नीचर का उपयोग हो सकता है। विभाग ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि वार्ड की पूरी सफाई, बिस्तरों की नियमित कीटाणुशोधन और पुराने फर्नीचर को बदलने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए।
सर्जिकल-गैस्ट्रो वार्ड के प्रमुख डॉक्टर ने कहा कि खटमल संक्रमण मरीज़ों के लिए स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा, "खटमल से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसलिए तुरंत पेस्ट कंट्रोल और स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।"
हॉस्पिटल प्रशासन ने भी मरीज़ों से अपील की है कि वे किसी तरह की समस्या देखे तो तुरंत स्टाफ़ या प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की समस्या न हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण और पेस्ट कंट्रोल अभियान को मजबूत किया जाएगा।
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन के प्रति मरीज़ों और उनके परिवार वालों की नाराज़गी बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचा है, और स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अस्पतालों में नियमित निगरानी और पेस्ट कंट्रोल के उपाय समय पर लागू करना अनिवार्य है।





