
Karnataka कर्नाटक: इलाकल तालुक के बालाकुंडी गांव में एक सरकारी स्कूल का मुख्य गेट गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में चार छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक छात्रा नयना कुमारी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर में लगा मुख्य गेट अचानक गिर गया, जिसके नीचे कई छात्र आ गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने छात्रों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
घायल छात्रा नयना कुमारी को सबसे ज्यादा चोटें आई हैं। बताया गया कि उसकी नाक पर गंभीर चोट लगी है और कान से खून बह रहा था। उसकी हालत को देखते हुए पहले उसे नजदीकी इलाकल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बागलकोट प्राइवेट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अन्य तीन घायल छात्रों का इलाज इलाकल सरकारी अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी घायलों को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि पहले से ही स्कूल के गेट की हालत खराब थी। लोगों का आरोप है कि करीब 15 दिन पहले भी गेट के गिरने जैसी स्थिति बनी थी, लेकिन तब किसी बड़े हादसे से बचाव हो गया था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार स्कूल प्रशासन को गेट की जर्जर स्थिति के बारे में शिकायत की थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि खराब निर्माण और रखरखाव की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
सरकारी स्कूल प्रशासन पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यदि पहले ही मरम्मत या सुधार कार्य कर लिया गया होता, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। घटना के बाद इलाके में गुस्सा और चिंता दोनों का माहौल है।
स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय शिक्षा अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि स्कूल की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर का निरीक्षण करने और अन्य कमजोर ढांचों की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि घायल छात्रों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए और स्कूल में सुरक्षा मानकों की तत्काल समीक्षा की जाए।
फिलहाल सभी घायल छात्रों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण स्कूलों में बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है।





