
कर्नाटक: बैंगलोर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) के बहुप्रतीक्षित डॉ. के. शिवराम कारंत लेआउट प्रोजेक्ट को लेकर आखिरकार बड़ी प्रगति हुई है। लंबे समय से विवादों और कानूनी अड़चनों में फंसे इस आवासीय लेआउट के लिए अब ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। BDA ने घोषणा की है कि शिवराम कारंत लेआउट साइट्स के लिए 5 अगस्त 2026 से आवेदन मंगाए जाएंगे।
इसी दिन मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार उन किसानों को सांकेतिक रूप से साइट्स आवंटित करेंगे, जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई थी। इस कदम को किसानों और लंबे समय से इंतजार कर रहे आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डॉ. के. शिवराम कारंत लेआउट उत्तरी बेंगलुरु में BDA द्वारा विकसित किए जा रहे सबसे बड़े आवासीय प्रोजेक्ट्स में से एक है। यह लेआउट प्रसिद्ध ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता लेखक डॉ. शिवराम कारंत के नाम पर बनाया गया है। लगभग 3,069 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बेंगलुरु में बढ़ती आवासीय जरूरतों को पूरा करना है।
हालांकि, इस परियोजना की शुरुआत आसान नहीं रही। वर्ष 2008 में शुरू हुए इस लेआउट को जमीन अधिग्रहण, अवैध डी-नोटिफिकेशन और किसानों के विरोध जैसे कई विवादों का सामना करना पड़ा। इन विवादों के कारण साइट्स के आवंटन और बिक्री की प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही।
परियोजना से जुड़े कई मामले अदालतों तक पहुंचे। जमीन मालिकों और किसानों ने अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां जताईं, जिसके बाद कानूनी लड़ाई शुरू हुई। वर्तमान में साइट्स की बिक्री और किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया अदालत की निगरानी में आगे बढ़ रही है।
BDA के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद इच्छुक आवेदक निर्धारित नियमों के अनुसार साइट्स के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन माध्यम अपनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग आसानी से आवेदन कर सकें।
इस परियोजना में किसानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। जिन किसानों ने लेआउट के लिए अपनी जमीन दी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर साइट्स आवंटित किए जाने की योजना है। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को सांकेतिक आवंटन इसी प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
शिवराम कारंत लेआउट में विभिन्न आकार की आवासीय साइट्स उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि, प्रत्येक श्रेणी में कितनी साइट्स उपलब्ध होंगी और उनकी कीमत क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी BDA की ओर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के समय जारी की जाएगी।
बेंगलुरु जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में आवास की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में शिवराम कारंत लेआउट को शहर के उत्तरी हिस्से में एक महत्वपूर्ण आवासीय केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोगों की रुचि बढ़ी है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, इतने बड़े आवासीय प्रोजेक्ट के शुरू होने से बेंगलुरु के आवास बाजार पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे शहर में जमीन की उपलब्धता बढ़ेगी और मध्यम वर्ग तथा अन्य आवेदकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
हालांकि, परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कानूनी प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और सभी पक्षों के हितों का किस तरह संतुलन बनाया जाता है। किसानों के मुआवजे, साइट आवंटन और निर्माण गतिविधियों से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
BDA ने लोगों से अपील की है कि वे आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का पालन करें और किसी भी अनधिकृत माध्यम से आवेदन या भुगतान करने से बचें। ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के जरिए पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
दशकों तक विवादों में रहने के बाद अब डॉ. के. शिवराम कारंत लेआउट परियोजना एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। 5 अगस्त से शुरू होने वाली आवेदन प्रक्रिया को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें साइट आवंटन, कीमतों और आगे की विकास प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।





