
बेंगलुरु: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कथित रूप से कराए गए 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम का विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी के अन्य सदस्यों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरगे के रैली स्थल पर मौजूद रहने के बाद कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम कराकर जातिगत भेदभाव का संदेश दिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के साथ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की शिकायत कांग्रेस के एसटी विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा ने 31 अगस्त को बेंगलुरु पुलिस को दी थी। शिकायत की कानूनी जांच के बाद 4 सितंबर को विधान सौध पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। चूंकि कथित घटना उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई थी, इसलिए जीरो एफआईआर की प्रक्रिया अपनाई गई है। जीरो एफआईआर किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज की जा सकती है और बाद में उसे संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने को भेजा जा सकता है।





