कर्नाटक

अभिनेता ऋषभ शेट्टी बने तटीय और पर्वतीय पर्यटन के प्रचार राजदूत, कैबिनेट बैठक की भी तैयारी

Kavita2
20 Jun 2026 10:40 AM IST
अभिनेता ऋषभ शेट्टी बने तटीय और पर्वतीय पर्यटन के प्रचार राजदूत, कैबिनेट बैठक की भी तैयारी
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Karnataka कर्नाटक: सरकार ने तटीय और पर्वतीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए अभिनेता ऋषभ शेट्टी को आधिकारिक रूप से प्रचार राजदूत नियुक्त किया है। यह घोषणा उस बैठक के बाद की गई, जो शुक्रवार को विधान सौध के कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।

इस बैठक में तटीय पर्यटन के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में D.K. Shivakumar के साथ अभिनेता ऋषभ शेट्टी, विभिन्न विधायकों और तटीय क्षेत्र के व्यापारियों ने भी हिस्सा लिया और अपने सुझाव सरकार के सामने रखे।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले लगभग 20 दिनों के भीतर मंगलुरु में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रस्तावित बैठक को तटीय क्षेत्र के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें कई नई नीतियों और योजनाओं पर निर्णय हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि तटीय क्षेत्र में कैबिनेट बैठक आयोजित करने की तैयारी की जा रही है और इससे पहले सभी तकनीकी मुद्दों का समाधान आवश्यक रूप से तैयार होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तटीय विकास से जुड़े सीआरजेड (Coastal Regulation Zone) और वन विभाग से संबंधित तकनीकी समस्याओं और उनके समाधान पर 15 से 20 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें।

सरकार का मानना है कि तटीय और पर्वतीय पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ा सकते हैं। इसी उद्देश्य से पर्यटन क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

अभिनेता ऋषभ शेट्टी को प्रचार राजदूत बनाए जाने के फैसले को सरकार की एक रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पर्यटन को व्यापक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी। उनकी लोकप्रियता और क्षेत्रीय जुड़ाव को देखते हुए उम्मीद है कि यह कदम पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान दिला सकता है।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि तटीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरणीय संतुलन और नियमों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसलिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुल मिलाकर यह बैठक कर्नाटक के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें नीति निर्धारण, तकनीकी समाधान और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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