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कर्नाटक में जल्द लागू होगा पॉइंट्स-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम

Kavita2
1 Oct 2026 11:02 AM IST
कर्नाटक में जल्द लागू होगा पॉइंट्स-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम
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बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने की तैयारी में है। इसके तहत पॉइंट्स-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम लागू करने की योजना बनाई जा रही है। नई व्यवस्था में अलग-अलग ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए ड्राइवर के लाइसेंस पर निर्धारित अंक यानी पॉइंट्स जोड़े जाएंगे। तय सीमा तक पॉइंट्स पहुंचने पर संबंधित व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकेगा।

इस प्रस्ताव को लेकर बुधवार को गृह और परिवहन विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। बैठक में इस सिस्टम को लागू करने के लिए जरूरी कानूनी बदलाव, तकनीकी व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया पर चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।

पॉइंट्स सिस्टम के तहत हर ट्रैफिक उल्लंघन के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए जा सकते हैं। जैसे गंभीर उल्लंघन के लिए ज्यादा पॉइंट्स और अपेक्षाकृत छोटे उल्लंघन के लिए कम पॉइंट्स दिए जा सकते हैं। यदि किसी वाहन चालक के लाइसेंस पर तय अवधि में पॉइंट्स की संख्या निर्धारित सीमा तक पहुंच जाती है तो उसका लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है।

नई व्यवस्था मौजूदा जुर्माना प्रणाली के साथ काम कर सकती है। यानी किसी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने पर चालान और जुर्माना तो लगेगा ही, साथ ही लाइसेंस पर पॉइंट्स भी जोड़े जाएंगे। इससे बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का रिकॉर्ड तैयार करना आसान होगा।

सरकार का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से कई मामलों में वाहन चालकों के व्यवहार में स्थायी बदलाव नहीं आता। कुछ लोग लगातार चालान कटने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करते रहते हैं। पॉइंट्स सिस्टम में लगातार नियम तोड़ने का सीधा असर ड्राइविंग लाइसेंस पर पड़ेगा, जिससे वाहन चालकों में नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी बढ़ सकती है।

संयुक्त समीक्षा बैठक में गृह विभाग, परिवहन विभाग और सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने इस व्यवस्था के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की। मुख्य सवाल यह है कि राज्य में लाइसेंस सस्पेंड करने की मौजूदा कानूनी प्रक्रिया को पॉइंट्स सिस्टम से किस तरह जोड़ा जाए और अलग-अलग अपराधों के लिए कितने अंक निर्धारित किए जाएं।

इसके अलावा यह भी तय किया जाना है कि पॉइंट्स कितने समय तक ड्राइविंग रिकॉर्ड में बने रहेंगे। सरकार को यह निर्धारित करना होगा कि एक निश्चित अवधि तक कोई नया उल्लंघन नहीं होने पर पुराने पॉइंट्स स्वतः कम होंगे या पूरी तरह हटाए जाएंगे।

तकनीकी स्तर पर भी नई व्यवस्था के लिए एक मजबूत डिजिटल सिस्टम की जरूरत होगी। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के रिकॉर्ड आपस में जुड़े होने चाहिए, ताकि किसी भी चालान के साथ संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस पर पॉइंट्स तुरंत अपडेट हो सकें।

ऑटोमैटिक ट्रैफिक कैमरा, ई-चालान और वाहन डेटाबेस से मिलने वाली जानकारी को भी इस सिस्टम से जोड़ने की योजना बनाई जा सकती है। इससे नियम उल्लंघन के रिकॉर्ड को मैन्युअल प्रक्रिया के बजाय डिजिटल तरीके से अपडेट करना आसान होगा।

कर्नाटक के बड़े शहरों में ट्रैफिक नियम उल्लंघन लंबे समय से बड़ी समस्या है। बेंगलुरु सहित कई शहरों में तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप करना, हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं लगाना, गलत दिशा में वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल जैसे मामले लगातार सामने आते हैं।

बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को चिन्हित करना मौजूदा व्यवस्था में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पॉइंट्स सिस्टम लागू होने पर किसी चालक के पिछले उल्लंघनों का पूरा रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध होगा। इससे कार्रवाई अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

सरकार यह भी विचार कर सकती है कि शराब पीकर वाहन चलाने, खतरनाक ड्राइविंग और अत्यधिक तेज रफ्तार जैसे गंभीर उल्लंघनों के लिए ज्यादा पॉइंट्स दिए जाएं। ऐसे मामलों में कम समय में ही लाइसेंस निलंबित होने की स्थिति बन सकती है।

हालांकि सिस्टम लागू करने से पहले कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट करना जरूरी होगा। लाइसेंस निलंबन से पहले वाहन चालक को नोटिस और सुनवाई का अवसर देने की व्यवस्था भी तैयार करनी होगी, ताकि गलत चालान या डेटा त्रुटि की स्थिति में व्यक्ति अपना पक्ष रख सके।

सरकार के सामने एक और चुनौती यह होगी कि पूरे राज्य में इस व्यवस्था को समान रूप से लागू किया जाए। बड़े शहरों में डिजिटल ट्रैफिक निगरानी मजबूत है, लेकिन छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई जगह मैन्युअल चालान व्यवस्था पर निर्भरता है।

इसलिए पॉइंट्स सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के डिजिटल नेटवर्क को मजबूत करना भी जरूरी होगा। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन नंबर और चालान रिकॉर्ड को एकीकृत डेटाबेस से जोड़ने की दिशा में काम किया जा सकता है।

नई व्यवस्था से वाहन चालकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। किसी एक समय का उल्लंघन सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसका रिकॉर्ड लाइसेंस से जुड़ जाएगा। लगातार गलत ड्राइविंग व्यवहार की स्थिति में लाइसेंस सस्पेंड होने का खतरा बना रहेगा।

सरकार का फोकस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर भी है। कई दुर्घटनाओं के पीछे तेज रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण होते हैं। पॉइंट्स-आधारित सिस्टम के जरिए आदतन नियम तोड़ने वाले चालकों पर नियंत्रण लगाने की कोशिश की जाएगी।

फिलहाल यह प्रस्ताव कानूनी और प्रशासनिक तैयारी के चरण में है। गृह और परिवहन विभागों की समीक्षा बैठक में सिस्टम को लागू करने के लिए आवश्यक प्रावधानों पर चर्चा की गई है। आने वाले समय में सरकार नियमों, पॉइंट्स की सीमा और लाइसेंस निलंबन की अवधि को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

कर्नाटक में यह व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का असर केवल तत्काल जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगा। हर उल्लंघन चालक के रिकॉर्ड से जुड़ सकता है और लगातार नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड होने की नौबत आ सकती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे सड़क अनुशासन और ट्रैफिक सुरक्षा में सुधार होगा।

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