
बेंगलुरु: ऐतिहासिक लालबाग में आयोजित इस साल के फ्लावर शो में फूलों और पौधों के माध्यम से कर्नाटक के गौरवशाली इतिहास की झलक दिखाई जा रही है। आजादी के दिन के जश्न के तहत बागवानी विभाग की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी की थीम ‘गंगा साम्राज्य वैभव’ रखी गई है, जिसमें गंगा राजवंश की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक योगदान को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को इस विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने गंगारासर की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और फ्लावर शो का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में तैयार की गई विभिन्न फूलों की कलाकृतियों और ऐतिहासिक थीम पर आधारित सजावट की सराहना की।
इस साल के लालबाग फ्लावर शो में फूलों और पौधों को केवल सजावट के रूप में नहीं, बल्कि इतिहास को बताने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया है। प्रदर्शनी में गंगा साम्राज्य के शासनकाल, संस्कृति, कला और स्थापत्य की झलक फूलों की रचनाओं और विशेष डिस्प्ले के जरिए दिखाई गई है।
गंगा राजवंश कर्नाटक के शुरुआती प्रमुख शाही परिवारों में से एक माना जाता है। इस राजवंश ने दक्षिण भारत के इतिहास, साहित्य, कला और स्थापत्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। फ्लावर शो के माध्यम से इसी ऐतिहासिक विरासत को आम लोगों और पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
प्रदर्शनी में रंग-बिरंगे फूलों से तैयार की गई कई आकर्षक आकृतियां बनाई गई हैं। इनमें गंगा साम्राज्य से जुड़े प्रतीकों, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है। फूलों की सजावट, पौधों की संरचनाएं और थीम आधारित मॉडल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
लालबाग फ्लावर शो हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों, प्रकृति प्रेमियों और परिवारों को आकर्षित करता है। इस बार ऐतिहासिक विषय को केंद्र में रखकर तैयार की गई प्रदर्शनी लोगों को प्रकृति के साथ-साथ कर्नाटक के अतीत से भी जोड़ रही है।
बागवानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फ्लावर शो का उद्देश्य केवल फूलों और पौधों की सुंदरता दिखाना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण और राज्य की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना भी है। इस बार गंगा साम्राज्य की थीम के जरिए इतिहास और प्रकृति का अनोखा संगम प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के फूलों और पौधों का इस्तेमाल किया गया है। विशेषज्ञों ने लंबे समय की योजना और मेहनत के बाद इन कलाकृतियों को तैयार किया है। फूलों की सजावट में रंगों के संतुलन और ऐतिहासिक विषयों को ध्यान में रखते हुए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक की विरासत बेहद समृद्ध है और ऐसी प्रदर्शनियां नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति और प्रकृति को एक साथ प्रस्तुत करने वाले ऐसे आयोजन लोगों में जागरूकता और रुचि बढ़ाते हैं।
फ्लावर शो में आने वाले पर्यटक फूलों की सुंदरता के साथ-साथ गंगा साम्राज्य की ऐतिहासिक जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। बच्चों और युवाओं के लिए यह प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि यहां मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का अवसर भी मिल रहा है।
लालबाग की पहचान देश के प्रमुख बागों में होती है और यहां आयोजित होने वाले फ्लावर शो लंबे समय से लोकप्रिय रहे हैं। हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर आयोजित होने वाले इन आयोजनों में अलग-अलग ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों को शामिल किया जाता है।
इस बार ‘गंगा साम्राज्य वैभव’ के जरिए कर्नाटक के एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अध्याय को फूलों के माध्यम से जीवंत किया गया है। प्रदर्शनी में आने वाले लोग जहां प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं, वहीं राज्य की प्राचीन संस्कृति और विरासत से भी परिचित हो रहे हैं।
कुल मिलाकर, लालबाग का यह फ्लावर शो इतिहास और प्रकृति के खूबसूरत मेल का उदाहरण बन गया है। फूलों से सजे इस आयोजन में गंगा साम्राज्य की कहानी को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, वह पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।





