कर्नाटक

APAR और संपत्ति ब्योरा ऑनलाइन अनिवार्य

Kavita2
6 Aug 2026 1:32 PM IST
APAR और संपत्ति ब्योरा ऑनलाइन अनिवार्य
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बेंगलुरु: राज्य सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी सालाना परफॉर्मेंस अप्रेज़ल रिपोर्ट (APAR) और अचल संपत्ति का विवरण (IPR) ऑनलाइन जमा करना होगा। इसके लिए कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR) ने नया आदेश जारी किया है।

DPAR के आदेश के अनुसार, 20 अगस्त 2026 से सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को APAR और IPR की जानकारी राज्य सरकार के e-PAR एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन जमा करनी होगी। इसके लिए e-PAR प्लेटफॉर्म पर विशेष रूप से IPR मॉड्यूल शुरू किया गया है, जिससे कर्मचारी अपनी वार्षिक संपत्ति और अन्य जरूरी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक APAR और IPR जमा करने की प्रक्रिया मैन्युअल तरीके से होती थी। कर्मचारियों को दस्तावेज तैयार कर संबंधित विभागों में जमा करने पड़ते थे, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगता था। इसके अलावा रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उनकी निगरानी करने में भी प्रशासन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।

अब डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रक्रिया को तेज, सरल और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। ऑनलाइन प्रणाली के जरिए कर्मचारी घर या कार्यालय से ही अपनी जानकारी जमा कर सकेंगे। इससे कागजी काम कम होगा और रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखा जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की वार्षिक कार्यप्रणाली और संपत्ति से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा।

APAR सरकारी कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें कर्मचारी के काम, जिम्मेदारियों के निर्वहन, उपलब्धियों और कार्यक्षमता का आकलन किया जाता है। यह रिपोर्ट कर्मचारियों के करियर विकास, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

वहीं, अचल संपत्ति विवरण (IPR) सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपनी संपत्ति से संबंधित जानकारी देने की प्रक्रिया है। इसमें कर्मचारियों को अपनी जमीन, मकान या अन्य अचल संपत्तियों की जानकारी सरकार को उपलब्ध करानी होती है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखना और सरकारी सेवा में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

DPAR अधिकारियों ने बताया कि नई ऑनलाइन व्यवस्था से जानकारी जमा करने की प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी। पहले दस्तावेजों की जांच, फाइलों के आदान-प्रदान और रिकॉर्ड रखने में काफी समय लगता था। डिजिटल सिस्टम के जरिए इन सभी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित विभागों को भी कर्मचारियों द्वारा जमा की गई जानकारी की समीक्षा करने में सुविधा होगी। ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध होने से जरूरत पड़ने पर किसी भी जानकारी को आसानी से देखा और जांचा जा सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि सरकार लगातार प्रशासनिक सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है। ई-गवर्नेंस के तहत कई विभागों में ऑनलाइन सेवाएं शुरू की जा रही हैं, ताकि सरकारी कामकाज को तेज और जनता के लिए अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

सरकारी कर्मचारियों के लिए यह बदलाव जिम्मेदारी बढ़ाने वाला भी माना जा रहा है। अब उन्हें तय समय सीमा के भीतर अपनी APAR और संपत्ति संबंधी जानकारी ऑनलाइन जमा करनी होगी। किसी भी तरह की देरी या गलत जानकारी देने की स्थिति में विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण प्रशासनिक सुधारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि रिकॉर्ड में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ती है।

नई व्यवस्था से कर्मचारियों को शुरुआत में ऑनलाइन प्रणाली को समझने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक साबित होगी। सरकार की कोशिश है कि सभी विभागों में डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।

कुल मिलाकर, APAR और IPR जमा करने की ऑनलाइन व्यवस्था सरकारी कामकाज को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 20 अगस्त 2026 से लागू होने वाली यह प्रणाली कर्मचारियों और प्रशासन दोनों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगी।

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