
Jharkhand: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड के महुदी पंचायत भवन में आयोजित दो दिवसीय विशेष शिविर में लगातार बारिश के बावजूद 178 बच्चों का बाल आधार कार्ड बनाया गया। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण के लिए आयोजित इस शिविर का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशासन और बाल विकास परियोजना विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य क्षेत्र के सभी पात्र बच्चों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करना था, ताकि भविष्य में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
शिविर के दूसरे दिन सुबह से ही पंचायत भवन परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। आंगनबाड़ी सेविकाएं अपने-अपने क्षेत्रों के बच्चों को लेकर पहुंचीं और नामांकन प्रक्रिया में सहयोग किया। लगातार बारिश के बावजूद महिलाओं और अभिभावकों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई माताएं अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर घंटों लाइन में खड़ी रहीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है और लोग इसके महत्व को समझने लगे हैं।
इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तीन आधार ऑपरेटरों की तैनाती की गई थी, जिनमें आलोक भारती, विवेक कुमार वर्मा और मांझी बंकिरा शामिल रहे। इन ऑपरेटरों ने दस्तावेजों की जांच कर आधार नामांकन का कार्य समय पर पूरा किया। पूरे शिविर के दौरान व्यवस्था अच्छी बनी रही और किसी प्रकार की बड़ी समस्या सामने नहीं आई।
दो दिनों तक चले इस शिविर में कुल 178 बच्चों का आधार पंजीकरण किया गया, जिसमें अंतिम दिन 101 बच्चों का नामांकन हुआ। इसे प्रशासन के लिए एक सफल उपलब्धि माना जा रहा है। शिविर के सफल संचालन में बाल विकास परियोजना से जुड़े अधिकारियों और आंगनबाड़ी सेविकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कई सेविकाओं ने फॉर्म भरने से लेकर बच्चों की जानकारी दर्ज कराने तक सक्रिय सहयोग दिया।
प्रशासन ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में कोटगढ़ पंचायत भवन में भी इसी तरह का दो दिवसीय विशेष आधार नामांकन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें 0 से 5 वर्ष तक के उन बच्चों का आधार बनाया जाएगा, जिनका अब तक पंजीकरण नहीं हो पाया है। इसके लिए अभिभावकों से अपील की गई है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचें। यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि बाल आधार कार्ड बच्चों को भविष्य की सरकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल पाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिविरों से जागरूकता बढ़ रही है और लोग समय पर बच्चों का पंजीकरण कराने के प्रति गंभीर हो रहे हैं।
महुदी में आयोजित इस शिविर ने यह भी दिखाया कि मौसम की कठिन परिस्थितियां भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकीं। लगातार बारिश के बावजूद माताएं अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पंचायत भवन पहुंचती रहीं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच बढ़ते सहयोग का भी उदाहरण बनी।





