
Jharkhand: गुमला जिले में 18 बालू घाटों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पूरी हो गयी है। इस संबंध में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में गुमला समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (खनन), एनसीओआरडी, सड़क सुरक्षा और कारा सुरक्षा से जुड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर नियंत्रण, मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाना जरूरी है और इसके लिए नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाया जाये। उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा लगाये गये प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद भी संभावित बालू घाटों और नदी क्षेत्रों में निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में जिला टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित करने और शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन करने को कहा गया। बैठक में जानकारी दी गयी कि जिले के कैटेगरी-11 के 18 बालू घाटों की एक इकाई की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और इसके लिए सैद्धांतिक सहमति भी प्रदान की गयी है। इस पर उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया और कहा कि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर आगे की कार्रवाई की जाये ताकि जिले में बालू की उपलब्धता से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। खनन समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने खनिज परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच, ओवरलोडिंग पर सख्ती और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि खनिज परिवहन तिरपाल से ढककर ही किया जाये। वृहत खनिज जैसे बॉक्साइट और लघु खनिज जैसे पत्थर क्षेत्रों में समाप्त हो चुके खनन पट्टों तथा पट्टा क्षेत्र से बाहर हो रहे अवैध खनन पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। खनन पट्टों और क्रशर इकाइयों की नियमित जांच कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड, क्रशर कवरिंग और अन्य वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने को कहा गया। एनसीओआरडी की समीक्षा में उपायुक्त ने जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाहर से आने वाले नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा। सड़क सुरक्षा की समीक्षा में उपायुक्त ने दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जनजागरूकता अभियान और सख्त प्रवर्तन कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने गुमला-पलमा रोड और पटेल चौक से चंदाली तक सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-78 के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में हाई मास्क लाइट लगाने और ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर साइनेज और रोड लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कारा सुरक्षा की समीक्षा के दौरान मंडल कारा के नवनिर्मित भवनों को शीघ्र हैंडओवर कराने और बंदियों के स्थानांतरण से पहले सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक फेंसिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही मंडल कारा का सुरक्षा ऑडिट कराने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में अपर समाहर्ता राजीव नीरज सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। प्रशासन ने बैठक में खनन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, कारा सुरक्षा और नशा नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये।





