झारखंड

सब्जी विक्रेता रौशन ने अपनाया डिजिटल कारोबार

Kavita2
25 July 2026 10:42 AM IST
सब्जी विक्रेता रौशन ने अपनाया डिजिटल कारोबार
x

धनबाद : डिजिटल इंडिया अभियान का असर अब देश के छोटे-बड़े बाजारों तक साफ दिखाई देने लगा है। कोयलांचल धनबाद के स्थानीय बाजार भी धीरे-धीरे हाईटेक हो रहे हैं। जहां कुछ समय पहले तक ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जी बेचने आने वाले कई विक्रेता ऑनलाइन भुगतान लेने में हिचकिचाते थे, वहीं अब कुछ छोटे कारोबारी डिजिटल माध्यमों को अपनाकर अपने व्यापार को नई दिशा दे रहे हैं।

धनबाद के कोर्ट मोड़ के समीप पोस्ट ऑफिस के पास सब्जी बेचने वाले रौशन कुमार इसका उदाहरण बनकर सामने आए हैं। उन्होंने अपने छोटे से सब्जी कारोबार को पूरी तरह डिजिटल मोड में बदल दिया है। अब उनके यहां ग्राहक नकद पैसे देने के साथ-साथ ऑनलाइन पेमेंट के जरिए भी भुगतान कर सकते हैं।

रौशन कुमार ने बताया कि पहले ज्यादातर ग्राहक नकद भुगतान ही करते थे। कई बार लोगों के पास छुट्टे पैसे नहीं होते थे, जिससे लेन-देन में परेशानी होती थी। इसके अलावा कई ग्राहक जल्दबाजी में रहते थे और नकदी की कमी के कारण खरीदारी करने में असुविधा महसूस करते थे। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू करने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है।

उन्होंने अपने ठेले पर डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड लगा रखा है। ग्राहक मोबाइल से स्कैन कर तुरंत भुगतान कर देते हैं। इससे न तो पैसे रखने की चिंता रहती है और न ही छुट्टे पैसों की समस्या आती है। रौशन का कहना है कि डिजिटल भुगतान से हिसाब-किताब रखना भी आसान हो गया है।

डिजिटल इंडिया अभियान के तहत देशभर में ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका असर अब छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां बड़े व्यापारियों और दुकानों में डिजिटल भुगतान आम था, वहीं अब छोटे विक्रेता भी इसे अपनाने लगे हैं।

धनबाद जैसे औद्योगिक शहर में डिजिटल लेन-देन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। शहर के बाजारों में किराना दुकानदारों, फल विक्रेताओं और सब्जी बेचने वालों के बीच भी ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा लोकप्रिय हो रही है। ग्राहक भी अब नकदी के बजाय मोबाइल भुगतान को अधिक सुविधाजनक मानने लगे हैं।

रौशन कुमार बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें भी डिजिटल भुगतान को लेकर थोड़ी झिझक थी। उन्हें लगता था कि छोटे कारोबार में इसकी जरूरत नहीं होगी। लेकिन ग्राहकों की मांग और बदलते समय को देखते हुए उन्होंने इसे अपनाने का फैसला किया। अब उन्हें इसका फायदा मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि आजकल अधिकतर लोगों के पास मोबाइल फोन और डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में ग्राहकों को सुविधा देने के लिए छोटे दुकानदारों को भी नई तकनीक अपनानी चाहिए। डिजिटल भुगतान से व्यापार में पारदर्शिता बढ़ती है और रोजाना की कमाई का रिकॉर्ड रखना आसान हो जाता है।

हालांकि, धनबाद के कई ग्रामीण इलाकों में अभी भी कुछ सब्जी विक्रेता ऑनलाइन भुगतान को लेकर पूरी तरह सहज नहीं हैं। उन्हें तकनीकी जानकारी की कमी और डिजिटल धोखाधड़ी का डर रहता है। ऐसे विक्रेताओं को जागरूक करने और डिजिटल लेन-देन की जानकारी देने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल भुगतान केवल शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। छोटे कारोबारियों के लिए भी यह सुविधा व्यापार बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने का माध्यम बन सकती है। इससे नकदी पर निर्भरता कम होती है और आर्थिक गतिविधियां अधिक व्यवस्थित होती हैं।

स्थानीय ग्राहकों ने भी रौशन कुमार के इस प्रयास की सराहना की है। उनका कहना है कि सब्जी जैसी रोजमर्रा की खरीदारी में ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलने से काफी आसानी होती है। अब उन्हें जेब में नकदी रखने की जरूरत नहीं पड़ती और भुगतान कुछ सेकंड में हो जाता है।

धनबाद के बाजारों में इस तरह के बदलाव यह दिखाते हैं कि डिजिटल क्रांति अब आम लोगों के जीवन और छोटे व्यवसायों तक पहुंच चुकी है। रौशन कुमार जैसे छोटे विक्रेता यह साबित कर रहे हैं कि तकनीक को अपनाने के लिए बड़े कारोबार की जरूरत नहीं होती।

कोयलांचल के स्थानीय बाजारों में डिजिटल भुगतान का बढ़ता इस्तेमाल आने वाले समय में व्यापार के नए तरीकों को जन्म दे सकता है। छोटे दुकानदारों के लिए यह न केवल सुविधा का माध्यम है, बल्कि ग्राहकों से जुड़ने और कारोबार को बेहतर बनाने का अवसर भी है।

रौशन कुमार का डिजिटल सब्जी कारोबार इस बदलाव की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण मिसाल है। यह दिखाता है कि डिजिटल इंडिया की पहल अब देश के छोटे बाजारों और आम व्यापारियों तक पहुंच रही है, जहां तकनीक के जरिए रोजमर्रा के कारोबार को आसान और आधुनिक बनाया जा रहा है।

Next Story