
बोकारो। वेदांता समूह ने एक बार फिर कॉर्पोरेट जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया’ द्वारा जारी भारत की शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों (2026) की सूची में वेदांता को शामिल किया गया है। यह उपलब्धि कंपनी की कार्यसंस्कृति, नवाचार और कर्मचारियों के प्रति उसकी नीतियों को दर्शाती है।
कंपनी की ओर से बताया गया कि वेदांता ने पिछले वर्षों में अपने कर्मचारियों के लिए कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ESOP) के माध्यम से लगभग 2,500 करोड़ रुपये की संपत्ति का सृजन किया है। इससे हजारों कर्मचारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला है और कंपनी के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। वेदांता समूह को ऊर्जा, धातु, खनिज और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में गिना जाता है। कंपनी ने कार्यस्थल पर विविधता और समावेशन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, कंपनी के कुल कार्यबल में लगभग 40 प्रतिशत कर्मचारी 30 वर्ष से कम आयु के हैं, जिससे यह युवा ऊर्जा से भरपूर संगठन बन गया है।
इसके अलावा, कंपनी ने लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन की दिशा में भी उल्लेखनीय काम किया है। वेदांता में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत है, जो भारी उद्योग और खनन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। साथ ही, लगभग 100 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स भी कंपनी के विभिन्न कार्यों में योगदान दे रहे हैं। इस उपलब्धि पर कंपनी की CHRO नेहा शर्मा ने कहा कि यह सम्मान वेदांता की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रदर्शन, भागीदारी और स्वामित्व की भावना को समान महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य एक ऐसा कार्यस्थल बनाना है जहां कर्मचारियों को वास्तविक चुनौतियों से सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिले।
कंपनी का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल उसकी कार्यसंस्कृति की पहचान है, बल्कि भारत के औद्योगिक विकास में उसकी भूमिका को भी मजबूत करती है। वेदांता आने वाले समय में और अधिक नवाचार और कर्मचारी केंद्रित नीतियों के साथ आगे बढ़ने की योजना पर काम कर रही है।





