
पलामू। झारखंड के पलामू जिले के चियांकी में फ्लाईओवर निर्माण को लेकर मुआवजे के विवाद ने गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया। रांची-मेदिनीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर और फोरलेन परियोजना का काम शुरू कराने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से किए गए पथराव में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद घायल जवानों को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (MMCH) में भर्ती कराया गया। घायलों में पुलिस जवान राजकुमार सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी के पैर और मोहम्मद जावेद के बाएं हाथ में चोट लगी है।
जानकारी के अनुसार, चियांकी में फ्लाईओवर और फोरलेन निर्माण का कार्य मुआवजा विवाद के कारण लंबे समय से प्रभावित चल रहा है। गुरुवार सुबह एनएचएआई के अधिकारी और कर्मचारी निर्माण स्थल पर पहुंचे थे। इस दौरान सड़क किनारे चिन्हित किए गए मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी से तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय ग्रामीण विरोध में उतर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि उनकी जमीन को कृषि भूमि मानकर मुआवजा तय किया गया, जबकि कई जमीनें आवासीय और व्यावसायिक उपयोग में थीं। ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें आवासीय और कमर्शियल दर के अनुसार मुआवजा दिया जाए।
विरोध के दौरान मामला धीरे-धीरे बढ़ गया और ग्रामीणों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिसकर्मियों पर भी पत्थर फेंके गए, जिसमें तीन जवान घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहां से हट गए। घटना की सूचना मिलते ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार पांडेय, एसडीपीओ राजेश यादव और सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और निर्माण स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समूह बनाकर मौके पर एकत्र न हों। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सदर एसडीओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। किसी भी तरह का विवाद या हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, एसडीपीओ राजेश यादव ने कहा कि पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। थाना प्रभारी की निगरानी में पुलिस जवान लगातार मौके पर तैनात हैं। सड़क किनारे चिन्हित मकानों और चाहरदीवारी को हटाने की कार्रवाई जारी है। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद पिछले वर्ष से जारी है। इसी वजह से फ्लाईओवर निर्माण का काम प्रभावित हो रहा था। प्रशासन का कहना है कि परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य जरूरी है, जबकि ग्रामीण उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
फिलहाल चियांकी इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।





