
नई दिल्ली। झारखंड में औद्योगिक निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ई-गवर्नेंस और पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से नई दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन राज्य के विकास और डिजिटल भविष्य को लेकर देश-विदेश की प्रमुख तकनीकी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से झारखंड में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में विकास के लिए तकनीक और नवाचार की बड़ी भूमिका है।
गूगल PR हेड के बयान पर गूंजा हॉल
कार्यक्रम के दौरान गूगल के पब्लिक रिलेशन हेड राजेश रंजन के बयान ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि उनका संबंध भी झारखंड से है। उन्होंने कहा, "मैं झारखंड के पलामू से आता हूं।" राजेश रंजन के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि गूगल झारखंड के विकास में हरसंभव सहयोग करेगा और राज्य के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक समाज में मौजूद असमानताओं को कम करने और लोगों को समान अवसर उपलब्ध कराने का सबसे प्रभावी माध्यम है। डिजिटल सुविधाओं और नई तकनीकों के जरिए आम लोगों तक विकास के लाभ पहुंचाए जा सकते हैं। गूगल PR हेड ने कहा कि कंपनी का मुख्य फोकस झारखंड के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए गूगल राज्य में क्षमता निर्माण और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर काम करेगा, ताकि युवा डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
आईटी और डिजिटल इकोसिस्टम पर हुई चर्चा
नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल समेत कई बड़ी तकनीकी कंपनियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुसार राज्य को तैयार करने पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर अपने सुझाव साझा किए। विशेषज्ञों ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में निवेश बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
झारखंड को तकनीकी हब बनाने पर जोर
कार्यक्रम में झारखंड सरकार ने राज्य को निवेश के लिए बेहतर स्थान के रूप में प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को राज्य की संभावनाओं से अवगत कराया और आईटी, पर्यटन, उद्योग तथा डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग की अपील की। सरकार का उद्देश्य झारखंड में ऐसा डिजिटल वातावरण तैयार करना है, जिससे सरकारी सेवाएं बेहतर हों और युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में झारखंड सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, उद्योग मंत्री संजय कुमार यादव, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, आईटी सचिव पूजा सिंघल, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, पीआरडी के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी, उद्योग निदेशक विशाल सागर और आईटी निदेशक माधवी मिश्रा सहित कई अधिकारी शामिल रहे। दो दिवसीय इस सम्मेलन का उद्देश्य झारखंड में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देना और राज्य को तकनीकी एवं औद्योगिक विकास के नए दौर से जोड़ना है। कार्यक्रम में हुई चर्चाओं से आने वाले समय में राज्य में डिजिटल क्षेत्र और उद्योगों के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।





