
नावागढ़ (धनबाद)। बाघमारा प्रखंड के सिनीडीह से चिटाही स्थित रामराज मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बना टुंडू रेल अंडरपास एक बार फिर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन गया। बारिश के बाद अंडरपास में पानी भर जाने से एक मारुति वैन और एक ऑटो बीच रास्ते में ही फंस गए। वाहनों के फंसने के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और करीब डेढ़ घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में हुई बारिश के बाद टुंडू रेल अंडरपास में तेजी से जलभराव हो गया। पानी का स्तर बढ़ने के कारण वाहन चालकों को इसकी गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाया। इसी दौरान एक मारुति वैन और एक ऑटो चालक अंडरपास को पार करने की कोशिश करने लगे, लेकिन पानी अधिक होने के कारण दोनों वाहनों के इंजन में पानी घुस गया और वे बीच रास्ते में ही बंद हो गए।
वाहनों के अचानक बंद हो जाने से अंडरपास के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। देखते ही देखते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि टुंडू रेल अंडरपास में बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या नई नहीं है। हल्की बारिश के बाद भी यहां पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कई बार वाहन चालक पानी की गहराई का अनुमान नहीं लगा पाते और उनके वाहन बीच रास्ते में खराब हो जाते हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर फंसे वाहनों को निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद वाहनों को अंडरपास से बाहर निकाला गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से टुंडू रेल अंडरपास में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यह समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
राहगीरों का कहना है कि अंडरपास में जलभराव से न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। खासकर छोटे वाहन चालकों और दोपहिया सवारों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार रात के समय पानी का अंदाजा नहीं लगने से हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अंडरपास में पानी निकासी के लिए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाए और बारिश के समय निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से बचा जा सके।
फिलहाल वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के मौसम में अंडरपास और जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरते समय पानी की गहराई का अनुमान लगाकर ही आगे बढ़ने की अपील की गई है।





