
Jharkhand झारखंड : झारखंड में पिछले करीब तीन महीने से चल रही ग्रामीण रोजगार सेवकों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। राज्य स्तरीय वार्ता के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच सहमति बनने पर संघ ने आंदोलन वापस लेने का फैसला लिया, जिसके बाद सभी सेवक अपने-अपने व्यवसायों पर लौट आए हैं।
झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रही इस हड़ताल को खत्म करने का फैसला ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। इस वार्ता में विभाग के सचिव और ग्रामीण आयुक्त के बीच विभिन्न विभागों पर चर्चा हुई, जिसके बाद कई मुद्दों पर सहमति बनी।
समझौते के बाद सोमवार को साहिबगंज जिले के तालझारी प्रखंड में रोजगार सेवकों ने पुनः योगदान दिया और अपने काम को दोबारा शुरू किया। इस दौरान उन्होंने प्रभारी बीडीओ को आवेदन सौंपकर हड़ताल खत्म करने की औपचारिक जानकारी दी।
राम सुमन प्रसाद को सौंपे गए आवेदन में बताया गया कि वार्ता में विभागों पर सकारात्मक सहमति बनने के बाद संघ ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया है।
तालझारी प्रखंड में योगदान देने वाले कर्मचारियों में उदय कुमार, निरंजन ओझा, रेणुका कुमारी, विश्वनाथ साह, मेरी स्टेला मुर्मू, अरुण उपाध्याय और शबीना प्रवीण शामिल रहे। इन सभी ने दोबारा आमदनी संभाल ली है।
इसी तरह बोरियो प्रखंड के रोजगार सेवकों ने भी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी और सोमवार को प्रखंड कार्यालय में उपस्थित होकर योगदान दिया। उन्होंने बीडीओ नागेश्वर साव को इसकी जानकारी दी और काम पर लौटने की प्रक्रिया पूरी की।
नागेश्वर साव के अनुसार, सभी कर्मचारियों की वापसी से मनरेगा योजनाओं के कार्यों में तेजी से आने की उम्मीद है, जो हड़ताल के दौरान प्रभावित हुए थे।
कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने से ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों के फिर से सशक्तिकरण रूप से शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाएगा ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन बिना बाधा जारी रह सके।





