
चतरा। झारखंड के चतरा जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सदर थाना क्षेत्र की बरैनी पंचायत अंतर्गत घूरनाडीह गांव के कड़गू पटेर स्थित नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। तीनों बच्चे पिकनिक मनाने के लिए नदी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान वे नदी में नहाने उतर गए और गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गए। हादसे में 11 से 15 वर्ष की उम्र के तीन बच्चों की जान चली गई। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
मृतकों की पहचान धंगरटोली मुहल्ला निवासी मुकेश कुमार सोनी के 15 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार, चौर मुहल्ला निवासी संजय दास के 12 वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार और इसी मुहल्ले के पमेश्वर राम के 11 वर्षीय पुत्र अंश प्रकाश के रूप में हुई है। तीन बच्चों की एक साथ मौत की खबर मिलते ही संबंधित मोहल्लों में शोक की लहर दौड़ गई।
पिकनिक मनाने नदी किनारे पहुंचे थे बच्चे
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को तीनों बच्चे पिकनिक मनाने के उद्देश्य से घूरनाडीह गांव के कड़गू पटेर स्थित नदी के पास पहुंचे थे। बच्चे वहां कुछ समय बिताने के बाद नदी में नहाने के लिए उतर गए। शुरुआत में वे किनारे के आसपास नहा रहे थे, लेकिन इसी दौरान गहरे पानी की तरफ चले गए।
बताया जा रहा है कि गहराई अधिक होने के कारण बच्चे पानी में खुद को संभाल नहीं पाए और डूबने लगे। नदी में डूबते बच्चों को बचाने का मौका भी नहीं मिल सका। कुछ ही समय में तीनों गहरे पानी में समा गए।
हादसे की जानकारी आसपास मौजूद लोगों और ग्रामीणों तक पहुंची तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को पानी से बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वाला प्रिंस कुमार महज 15 साल का था। वह धंगरटोली मुहल्ला निवासी मुकेश कुमार सोनी का पुत्र था। वहीं 12 वर्षीय सत्यम कुमार चौर मुहल्ला निवासी संजय दास का बेटा था। तीसरा बच्चा 11 वर्षीय अंश प्रकाश भी चौर मुहल्ले का रहने वाला था और उसके पिता का नाम पमेश्वर राम बताया गया है।
तीनों बच्चों की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिवार के सदस्यों में कोहराम मच गया। जिस पिकनिक को लेकर बच्चे खुशी-खुशी घर से निकले थे, वही कुछ समय बाद परिवारों के लिए जिंदगी भर का दुख बन गया।
एक साथ तीन बच्चों की मौत के कारण पूरे इलाके में मातम का माहौल बन गया। परिचितों और स्थानीय लोगों की भीड़ पीड़ित परिवारों के पास जुटने लगी।
नहाते समय गहरे पानी में जाने से हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण नहाते समय बच्चों का नदी के गहरे हिस्से में चले जाना बताया जा रहा है। पानी की गहराई का सही अनुमान नहीं लगने के कारण तीनों फंस गए। ऐसे स्थानों पर नदी का तल अचानक गहरा होने के कारण तैरना नहीं जानने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
पुलिस के लिए भी यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि हादसे के समय वहां और कौन-कौन मौजूद था और बच्चों को डूबते हुए सबसे पहले किसने देखा। प्रत्यक्षदर्शियों से मिलने वाली जानकारी से घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप
तीन बच्चों के नदी में डूबने की सूचना तेजी से आसपास के गांवों और मोहल्लों में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की तरफ पहुंचने लगे। हादसे की जानकारी सदर थाना पुलिस को भी दी गई।
पुलिस की ओर से घटना से संबंधित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जाने की उम्मीद है। तीनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई या किसी अन्य परिस्थिति की भूमिका रही, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
हालांकि शुरुआती तौर पर घटना नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से हुई दुर्घटना बताई जा रही है।
नदी-तालाब में नहाते समय सावधानी जरूरी
इस हादसे ने एक बार फिर नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बरसात के मौसम में नदियों और तालाबों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ कई स्थानों पर गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में बच्चों को बिना किसी जिम्मेदार व्यक्ति की मौजूदगी के नदी या गहरे जलस्रोतों में नहाने से रोकना बेहद जरूरी है। खासतौर पर उन स्थानों पर खतरा अधिक रहता है जहां नदी के किनारे से कुछ दूरी पर ही अचानक गहरा पानी शुरू हो जाता है।
स्थानीय स्तर पर भी खतरनाक घाटों और गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी संकेत लगाने और लोगों को जागरूक करने की जरूरत महसूस की जाती रही है। इससे अनजान लोगों और बच्चों को संभावित खतरे के बारे में पहले ही जानकारी मिल सकती है।
इलाके में शोक की लहर
प्रिंस, सत्यम और अंश की मौत से उनके परिवारों के साथ पूरे इलाके में शोक का माहौल है। बच्चों की उम्र महज 11 से 15 साल के बीच थी। एक ही हादसे में तीन बच्चों की जान चले जाने से स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं।
शुक्रवार को पिकनिक मनाने के लिए निकले बच्चों के परिवारों ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी कि कुछ घंटों बाद उन्हें इतनी दुखद खबर मिलेगी। तीनों बच्चों की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल घटना को लेकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे ने एक बार फिर नदी और दूसरे जलस्रोतों में नहाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित किया है।





