झारखंड

20 साल पुराने रिश्ते का खौफनाक अंत

Saba Naaz
2 July 2026 5:46 PM IST
20 साल पुराने रिश्ते का खौफनाक अंत
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जमशेदपुर: टाटानगर स्टेशन और हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस ट्रेन में हुई 27 वर्षीय तलाकशुदा महिला की हत्या के मामले का रेल पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि मृतका का 20 वर्षीय प्रेमी कुमार ऋषभ है। पुलिस ने इस मामले को केवल एक यूपीआई पेमेंट के डिजिटल सुराग के आधार पर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना 6 जून की है, जब हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला यात्री गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी। उसके सिर और कान से खून बह रहा था। जीआरपी ने उसे तुरंत एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां करीब 10 दिनों तक इलाज के दौरान 15 जून को उसकी मौत हो गई। शुरुआती तौर पर यह मामला एक ब्लाइंड मर्डर केस बन गया था क्योंकि महिला की पहचान और हमलावर का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल रहा था। जांच में बाद में पता चला कि मृतका रांची के बरियातू की रहने वाली थी और तलाकशुदा थी। वहीं आरोपी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला कुमार ऋषभ है, जो रांची के मारवाड़ी कॉलेज से बीसीए की पढ़ाई कर रहा था।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और आरोपी ने महिला को अपने प्रेम जाल में फंसा रखा था। करीब एक महीने तक संबंध में रहने के बाद महिला ने आरोपी पर शादी का दबाव बनाना शुरू किया, जिससे वह नाराज हो गया और उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। आरोप है कि आरोपी ने महिला को धोखे से ट्रेन में बैठाया और जब ट्रेन टाटानगर के पास पहुंची तो उसने मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंटने की कोशिश की। महिला को मृत समझकर वह मौके से फरार हो गया।

इस मामले की जांच आरपीएफ और रेल पुलिस ने संयुक्त रूप से की। एएसआई बलबीर प्रसाद की टीम ने रांची से टाटानगर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान आरोपी रांची स्टेशन पर महिला के साथ नजर आया। इसी दौरान वह एक स्टॉल पर यूपीआई से पानी की बोतल खरीदता हुआ कैमरे में कैद हो गया, जो जांच में सबसे अहम सुराग साबित हुआ। डिजिटल पेमेंट के आधार पर पुलिस ने वेंडर से लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड हासिल किया और फिर साइबर सेल की मदद से आरोपी का मोबाइल नंबर ट्रेस किया गया। कॉल डिटेल और टावर लोकेशन के जरिए पुष्टि हुई कि आरोपी घटना के समय ट्रेन मार्ग पर ही मौजूद था। इसके बाद बैंक खाते और केवाईसी डिटेल से उसकी पहचान पक्की हुई।

30 जून को रांची के बरियातू थाने में महिला की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। बाद में रेल पुलिस ने तस्वीरों का मिलान कर आरोपी को हिरासत में लिया, जहां पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है और मामले की गहन जांच जारी है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल लेनदेन और तकनीकी साक्ष्य अपराधियों तक पहुंचने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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