झारखंड

विधायक ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

Saba Naaz
27 Jun 2026 6:10 PM IST
विधायक ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन
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धनबाद (निरसा): झारखंड के धनबाद जिले के निरसा में अपनी लंबित मांगों को लेकर पोषण सखियों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में जुटी पोषण सखियों ने झारखंड राज्य एकीकृत पोषण सखी संघ के बैनर तले स्थानीय विधायक अरूप चटर्जी के कार्यालय का घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया। अपनी आवाज बुलंद करने के लिए पोषण सखियों ने विधायक कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना भी दिया। इस दौरान संघ के सदस्यों ने अपनी समस्याओं और हक के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक 3 सूत्री मांग पत्र विधायक अरूप चटर्जी को सौंपा, जिसमें उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की गई है।

इस बड़े विरोध प्रदर्शन में संघ की प्रदेश कमेटी, जिला कमेटी और निरसा प्रखंड कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य संयुक्त रूप से शामिल हुए। सभी ने एक सुर में सरकार से अपनी सेवा शर्तों में सुधार करने और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की पुरजोर मांग की।

मानदेय में बढ़ोतरी और सेविका चयन में प्राथमिकता है मुख्य मांग पोषण सखियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में तीन मुख्य और महत्वपूर्ण मांगों को रेखांकित किया गया है:

मानदेय में संतोषजनक वृद्धि: पोषण सखियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मिलने वाली राशि बेहद कम है, जिससे इस कमरतोड़ महंगाई में परिवार का भरण-पोषण करना असंभव हो गया है। इसलिए उनके मासिक मानदेय में अविलंब बढ़ोतरी की जाए।

ड्रेस कोड लागू करना: संघ ने मांग की है कि कार्यस्थल और क्षेत्र में काम के दौरान उनकी एक विशिष्ट पहचान (Identity) सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर एक ड्रेस कोड (पहचान स्वरूप पोशाक) तय किया जाए।

सेविका चयन में प्राथमिकता: आंगनवाड़ी सेविकाओं के चयन और बहाली प्रक्रिया में अनुभवी पोषण सखियों को प्राथमिकता (वेटेज) दी जानी चाहिए, क्योंकि वे लंबे समय से जमीनी स्तर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।

मांग पूरी होने तक 'मंईंया सम्मान योजना' से जोड़ने की गुहार

धरना प्रदर्शन कर रही पोषण सखियों ने सरकार के सामने एक व्यावहारिक विकल्प भी रखा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से उनके मूल मानदेय में वृद्धि नहीं की जाती है, तब तक के लिए राज्य की सभी पोषण सखियों को सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री मंईंया सम्मान योजना' के साथ अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। इससे उन्हें तत्काल प्रभाव से कुछ आर्थिक राहत मिल सकेगी और वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगी।

विधायक ने दिया आश्वासन: रांची जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे मामला

पोषण सखियों के दर्द और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए विधायक अरूप चटर्जी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे उनकी इस लड़ाई में पूरी तरह उनके साथ हैं। विधायक ने प्रदर्शनकारियों से कहा, "मैं बहुत जल्द राज्य की राजधानी रांची जा रहा हूँ। संबंधित समिति का अध्यक्ष होने के नाते यह मेरा दायित्व है कि आपकी जायज मांगों और आवाज़ को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखूँ।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करेंगे ताकि सरकार स्तर पर इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा कराया जा सके। विधायक के इस ठोस आश्वासन के बाद पोषण सखियों ने अपना एक दिवसीय धरना समाप्त किया। इस मौके पर मुख्य रूप से संघ की प्रदेश अध्यक्ष अंजनी पासवान, प्रदेश महामंत्री पार्वती सोरेन, प्रदेश संरक्षक सोनी पासवान, जिला अध्यक्ष डिंपल चौबे, जिला सचिव रक्षा कुमारी, प्रखंड अध्यक्ष अंजू गुप्ता, क्षमा मंडल, हीरामणि टुडू सहित भारी संख्या में निरसा और धनबाद की पोषण सखियां उपस्थित थीं।

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