
लोहरदगा (कुड़ू): त्योहारों की रौनक और उत्सव के बीच जब इंसानियत अंगड़ाई लेती है, तो वह समाज के लिए एक अमिट मिसाल बन जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा झारखंड के लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड में मोहर्रम जुलूस के दौरान देखने को मिला। यहाँ इंदिरा गांधी चौक पर हजारों की भीड़ और पारंपरिक खेल प्रतियोगिता के बीच एक जीवन रक्षक 108 एंबुलेंस फंस गई। एंबुलेंस में एक अति गंभीर मरीज था, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी था। सायरन की आवाज सुनते ही 'नौजवान मोहर्रम कमेटी' के सदस्यों ने अपनी खेल प्रतियोगिता को बीच में ही रोक दिया और तत्परता दिखाते हुए भारी भीड़ के बीच से सुरक्षित रास्ता बनाकर एंबुलेंस को आगे रवाना किया। युवाओं के इस मानवीय कदम की मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक (SP) सहित पूरे प्रशासनिक अमले ने खुलकर सराहना की है।
मंच पर मौजूद थे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, पलामू प्रमंडल से एक अति गंभीर मरीज को इलाज के लिए 108 एंबुलेंस के जरिए रांची स्थित रिम्स (RIMS) ले जाया जा रहा था। दोपहर करीब 1:00 बजे जैसे ही यह एंबुलेंस कुड़ू के मुख्य इंदिरा गांधी चौक पहुंची, वहां मोहर्रम का मुख्य जुलूस और अखाड़े का आयोजन चल रहा था, जिसके चलते हजारों की भीड़ उमड़ी हुई थी। चौक पर बने आधिकारिक मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक (SP) सादिक अनवर रिजवी, एसडीपीओ (SDPO) श्रद्धा केरकेट्टा, अंचलाधिकारी (CO) संतोष उरांव और कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार मंचासीन थे। अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारियों और नौजवान मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज खलीफा की देखरेख में टाकू अखाड़े के खिलाड़ी लाठी-डंडों और तलवारबाजी जैसे पारंपरिक हैरतअंगेज खेलों का प्रदर्शन कर रहे थे।
सायरन सुनते ही रोक दिया गया अखाड़े का खेल
ढोल-नगाड़ों और लाठियों की गड़गड़ाहट के बीच जैसे ही एंबुलेंस के सायरन की आवाज आयोजन स्थल तक पहुंची, मंच पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी और आयोजन समिति तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए। मरीज की नाजुक स्थिति को भांपते हुए मंच से तुरंत लाउडस्पीकर पर घोषणा की गई कि अखाड़े के खेल को तत्काल रोक दिया जाए और एंबुलेंस को आगे जाने के लिए मुख्य सड़क को खाली कराया जाए। मंच से निर्देश मिलते ही नौजवान मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज खलीफा, शाहरुख अंसारी, भोला खान, एनामुल खान के साथ कुड़ू थाने के सब-इंस्पेक्टर सफरुद्दीन अंसारी और सुनील कुमार सिन्हा बिना एक पल गंवाए खुद भारी भीड़ के बीच उतर गए।
मानव श्रृंखला बनाकर एंबुलेंस को कराया पास
समिति के सदस्यों और पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अखाड़े के खिलाड़ियों को तुरंत सड़क के दोनों किनारों पर किया। इसके बाद युवाओं ने खुद एक-दूसरे का हाथ पकड़कर एक सुरक्षात्मक मानव श्रृंखला (Human Chain) बना ली। महज कुछ ही मिनटों के भीतर हजारों की भीड़ को अनुशासित तरीके से किनारे कर एंबुलेंस के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर तैयार किया गया और उसे बिना किसी बाधा के रांची की ओर रवाना कर दिया गया।
लोहरदगा एसपी ने की युवाओं की जमकर तारीफ
एक गंभीर मरीज की जान बचाने के लिए अपने मुख्य त्योहार के खेल को बीच में ही रोकने और जुलूस को अनुशासित तरीके से किनारे करने के इस अभूतपूर्व जज्बे को देखकर मंच पर मौजूद पुलिस अधीक्षक (SP) सादिक अनवर रिजवी भावुक हो गए। उन्होंने युवाओं की इस सामाजिक जिम्मेदारी और अद्भुत मानवीय सोच की सार्वजनिक रूप से सराहना की। एसपी ने स्वयं आगे बढ़कर नौजवान मोहर्रम कमेटी के सदस्यों की पीठ थपथपाई और उन्हें इस नेक कार्य के लिए बधाई दी। इस घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुड़ू के युवाओं ने यह साबित कर दिया कि किसी भी धर्म या त्योहार का असली और सर्वोच्च मकसद मानवता की रक्षा करना ही है।





