
Jharkhand झारखण्ड : टाटानगर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रखरखाव और कोचिंग डिपो के विस्तार की योजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। अब यह योजना रेलवे बोर्ड के पास प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी के लिए विचाराधीन है।
यह परियोजना करीब 383.78 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के बेहतर रखरखाव, तकनीकी जांच और संचालन क्षमता को बढ़ाने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त कोचिंग डिपो विकसित किया जाएगा। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस विस्तार से वंदे भारत ट्रेनों के संचालन में अधिक सुगमता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
दक्षिण पूर्व रेलवे ने यह जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत रेलवे पैसेंजर कमेटी के सदस्य शशांक शेखर स्वाई को उपलब्ध कराई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को लेकर सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।
वर्तमान में टाटानगर रेलवे स्टेशन से कई महत्वपूर्ण वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इनमें ट्रेन नंबर 20893/21893/21895 टाटा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस और 20891 टाटानगर–ब्रह्मपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा 20898 रांची–हावड़ा और 20872 हावड़ा–राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस भी टाटानगर मार्ग से होकर गुजरती हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए टाटानगर में रखरखाव सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी हो गया है। वर्तमान व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह नई परियोजना तैयार की गई है।
मंजूरी मिलने के बाद यह डिपो पूर्वी भारत में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे न केवल ट्रेनों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर और समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
फिलहाल रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद परियोजना पर काम शुरू होने की संभावना है।





