
Jharkhand: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में गुमला की अदालत ने दोषी के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाते हुए उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने मड़वा पानी निवासी कलिंदर उरांव को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई. अदालत ने सजा के साथ दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा.
अभियोजन के अनुसार, घटना 29 नवंबर 2023 की है. उस दिन नाबालिग पीड़िता अपने घर में अकेली थी. इसी दौरान आरोपी कलिंदर उरांव उसके घर में घुस गया और जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. घटना के समय पीड़िता की मां घर पर मौजूद नहीं थीं. आरोपी ने इस स्थिति का फायदा उठाकर अपराध किया. मामले ने पूरे क्षेत्र में गंभीर चिंता पैदा कर दी थी.पुलिस ने जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा. सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने कलिंदर उरांव को दोषी माना और उसके खिलाफ 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई.
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों पर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है. न्यायालय ने दोषी को कठोर सजा और आर्थिक दंड देकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस फैसले से पीड़िता के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है, वहीं यह निर्णय समाज में ऐसे अपराधों के प्रति कड़ी कानूनी कार्रवाई का भी संकेत माना जा रहा है.





