
जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले चर्चित राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा हत्याकांड में जिला पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले की तफ्तीश में जुटी विशेष जांच दल (SIT) ने घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे मुख्य आरोपी विक्की सिंह उर्फ अप्पा राव उर्फ बल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे बिरसानगर थाना क्षेत्र से उस वक्त दबोचा, जब वह शहर से भागने की फिराक में था। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी विक्की ने राहुल बच्चा की बेरहमी से की गई हत्या में अपनी संलिप्तता और मुख्य भूमिका पूरी तरह स्वीकार कर ली है। इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में जेल जाने वाले आरोपियों की कुल संख्या अब पांच हो गई है।
मजार के पास पत्थरों से कूचकर की गई थी हत्या
जमशेदपुर के एसएसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सिटी एसपी ललित मीणा ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह खौफनाक वारदात बीते 8 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे की है। मानगो के गुरुद्वारा रोड स्थित मजार के पास घात लगाए बैठे अपराधियों ने राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा को घेर लिया था। इसके बाद पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग के विवाद को लेकर अपराधियों ने उस पर डंडे, लकड़ी के भारी टुकड़ों और बड़े पत्थरों से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने राहुल को जमीन पर गिराकर उसे पत्थरों से बुरी तरह कूच दिया था, जिससे घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे मानगो इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के तुरंत बाद मृतक के भाई राजा के लिखित बयान के आधार पर मानगो थाना में संबंधित गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी।
SSP के निर्देश पर बनी SIT ने की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता और शहर के बिगड़ते माहौल को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। इस टीम की कमान सहायक पुलिस अधीक्षक (HQ-1) ऋषभ द्विवेदी को सौंपी गई, जबकि पूरी कार्रवाई की निगरानी खुद सिटी एसपी ललित मीणा कर रहे थे।
मुख्य आरोपी विक्की सिंह हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वह जमशेदपुर और आसपास के जिलों में स्लीपर सेल और करीबियों के यहां शरण लेकर पुलिस को चकमा देने का प्रयास कर रहा था। आखिरकार, तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर 12 जुलाई को SIT ने बिरसानगर इलाके की घेराबंदी की और घेरा कड़ा करते हुए विक्की सिंह को सफलतापूर्वक धर दबोचा।
गिरफ्तार विक्की सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास
सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार विक्की सिंह कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह मानगो और आसपास के क्षेत्रों का एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से ही कई संगीन मामले दर्ज हैं, जो उसकी जरायम की दुनिया में गहरी संलिप्तता को दर्शाते हैं:
वर्ष 2022: सिदगोड़ा थाना में रंगदारी और आपराधिक डराने-धमकाने का मामला दर्ज।
वर्ष 2023: मानगो के उलीडीह थाना में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने यानी हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का संगीन मामला।
वर्ष 2025: पुलिस और प्रशासन के सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने एवं अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज।
अब तक 5 आरोपी जेल भेजे गए, अन्य की तलाश जारी
राहुल बच्चा हत्याकांड में जमशेदपुर पुलिस की मुस्तैदी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वारदात के कुछ ही दिनों के भीतर अधिकांश आरोपी दबोचे जा चुके हैं। पुलिस इस मामले में विक्की सिंह से पहले चार अन्य सह-आरोपियों—साहेब सिंह उर्फ सब्बे, सौरभ दत्त उर्फ बंगाली, अर्ताब अली बाबा और अमरजीत प्रसाद उर्फ पांडेय को गिरफ्तार कर पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है।
अब मुख्य आरोपी विक्की की गिरफ्तारी के बाद कुल संख्या पांच हो गई है। सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस वार्ता के अंत में साफ किया कि हालांकि मुख्य साजिशकर्ता और हमलावर पकड़े जा चुके हैं, लेकिन इस वारदात में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल कुछ अन्य संदिग्धों और मददगारों की पहचान की जा चुकी है। उन्हें दबोचने के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही पूरा केस बंद कर दिया जाएगा।





