
Jharkhand झारखंड : सिमडेगा जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रैकेट का खुलासा किया है। कोलेबिरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर तमिलनाडु के तिरुपुर ले जाने की कोशिश कर रहे एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पीड़िता के गांव की एक किशोरी को भी हिरासत में लिया गया है, जिसके इस साजिश में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सिमडेगा पुलिस अधीक्षक को जानकारी मिली थी कि कोलेबिरा क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की को झांसे में लेकर दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और मानव तस्करी से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर तमिलनाडु के तिरुपुर ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया और संबंधित इलाके में कार्रवाई की गई।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को पकड़ लिया। गिरफ्तार युवक उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि मानव तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी मिल सके।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस मामले में पीड़िता के ही गांव की एक किशोरी की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नाबालिग को आरोपी तक पहुंचाने या उसे विश्वास में लेने में उसकी क्या भूमिका थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या उसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
झारखंड के कई ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रोजगार और आर्थिक कमजोरी का फायदा उठाकर मानव तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। तस्कर अक्सर गरीब परिवारों के बच्चों और युवाओं को नौकरी, बेहतर जीवन या अन्य प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाते हैं और उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाते हैं।
सिमडेगा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। खासकर नाबालिग बच्चों के कहीं बाहर ले जाने या नौकरी के नाम पर भेजे जाने की स्थिति में सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस ने बताया कि बरामद नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है और उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को पुलिस मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में सक्रिय मानव तस्करों और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जांच के दौरान अगर अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।





