
Jharkhand: रामगढ़ जिले में जमीन विवाद ने मंगलवार को खूनी रूप ले लिया, जब गिरिडीह में पदस्थापित रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की कथित तौर पर ईंट-पत्थर और लाठी से हमला कर हत्या कर दी गई. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई है. पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए 6 लोगों को हिरासत में लिया है और जांच शुरू कर दी है.
अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत
हमले के बाद गंभीर रूप से घायल बालेश्वर पटेल को तुरंत होप अस्पताल, रांची रोड ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ भेज दिया.
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
जानकारी के अनुसार, बालेश्वर पटेल ने एक माह पहले हुआग पंचायत के सियारीटाड़ में 11 डिसमिल जमीन खरीदी थी. इसी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. बताया गया कि 29 जून को उन्होंने वहां बोरिंग कराकर समरसेबल पंप लगवाया था, जिसे देखने वह मंगलवार सुबह करीब 8 बजे पहुंचे थे.
हमले की पूरी वारदात
इसी दौरान कथित तौर पर ज्ञानी साव उर्फ रामू साव, विष्णु कुमार, संतोष साव, पूजा देवी, विनय कुमार, शंकुतला देवी, रूबी देवी और डॉली कुमारी ने उन पर ईंट, पत्थर और लाठी से हमला कर दिया. हमले में बालेश्वर पटेल गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े.
परिवार का आरोप, साजिश की आशंका
मृतक की पत्नी रीता कुमारी ने मांडू थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में गांव के हेमंत पांडेय और दिनेश्वर साव की भी भूमिका हो सकती है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
पुलिस की कार्रवाई तेज
घटना के बाद मांडू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को हिरासत में लिया है. डीएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की बारीकी से जांच के निर्देश दिए हैं.
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक निर्मल महतो अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी. पुलिस का कहना है कि मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
निष्कर्ष
रामगढ़ में हुई यह घटना एक बार फिर जमीन विवादों की गंभीरता और उनके खतरनाक परिणामों को उजागर करती है. पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले में साजिश की आशंका को भी ध्यान में रखा जा रहा है.





