झारखंड

ट्रैक पर भेड़िया फंसने से बेपटरी हुई सावन स्पेशल, दो दिन बाद भी रेल परिचालन प्रभावित

Kavita2
17 Aug 2026 1:04 PM IST
ट्रैक पर भेड़िया फंसने से बेपटरी हुई सावन स्पेशल, दो दिन बाद भी रेल परिचालन प्रभावित
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धनबाद। इतवारी से धनबाद होते हुए मधुपुर जाने वाली सावन स्पेशल ट्रेन के बेपटरी होने की घटना के दो दिन बाद भी रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। ट्रैक पर भेड़िये के फंसने के कारण हुई इस घटना का असर कई ट्रेनों पर पड़ा है। सावन स्पेशल ट्रेन जहां घंटों देरी से चली, वहीं मधुपुर से इतवारी जाने वाली स्पेशल ट्रेन भी प्रभावित रही। इसके अलावा मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस के परिचालन पर भी असर पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात इतवारी से मधुपुर जा रही सावन स्पेशल ट्रेन के साथ यह हादसा हुआ था। बताया जा रहा है कि ट्रेन के ट्रैक के प्वाइंट में एक भेड़िये का सिर फंस गया था, जिसके कारण ट्रेन का एक कोच पटरी से उतर गया। घटना के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ट्रैक की जांच और मरम्मत का काम शुरू किया गया, ताकि रेल परिचालन को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। हालांकि घटना के बाद से कई ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित हुई है।

इतवारी-मधुपुर सावन स्पेशल ट्रेन को मूरी के पास बेपटरी होने के कारण परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। रेलवे ने मूरी से चंद्रपुरा के बीच ट्रेन का रूट बदल दिया, जिसके कारण ट्रेन अपने निर्धारित समय से काफी देर बाद मधुपुर पहुंची।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रूट परिवर्तन के चलते ट्रेन करीब आठ घंटे की देरी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकी। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबी देरी के कारण कई यात्रियों को स्टेशन पर अतिरिक्त समय बिताना पड़ा।

मधुपुर से इतवारी जाने वाली सावन स्पेशल ट्रेन भी इस घटना से प्रभावित हुई। ट्रेन के संचालन में देरी के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। इसके अलावा मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस के परिचालन पर भी असर पड़ा और ट्रेन को प्रभावित मार्ग से गुजरना पड़ा।

रेलवे के लिए ट्रैक पर किसी जंगली जानवर के कारण ट्रेन प्रभावित होने की घटना गंभीर मानी जाती है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और ऐसे इलाकों में निगरानी को लेकर भी सवाल उठते हैं। खासकर जंगल और वन क्षेत्र से गुजरने वाले रेल मार्गों पर ऐसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है।

रेलवे अधिकारियों ने घटना के बाद ट्रैक की तकनीकी जांच भी की। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भेड़िये का सिर किस तरह ट्रैक के प्वाइंट में फंसा और इसके कारण कोच के पहिए पटरी से कैसे उतरे।

यात्रियों के अनुसार, अचानक ट्रेन के झटके के बाद कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया था। हालांकि राहत की बात रही कि घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। रेलवे की टीम ने जल्द ही स्थिति को संभाल लिया।

सावन महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। इसी को देखते हुए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। ऐसे में किसी भी ट्रेन के प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति और समय की जानकारी लेते रहें। प्रभावित ट्रेनों के यात्रियों को रेलवे की ओर से अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने प्रभावित मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

रेलवे ट्रैक के आसपास वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाती है। कई जगहों पर वन विभाग और रेलवे के बीच समन्वय के जरिए सुरक्षा उपाय किए जाते हैं। इस घटना के बाद संबंधित क्षेत्रों में और सतर्कता बढ़ाई जा सकती है।

फिलहाल रेल परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन घटना का असर अभी भी कुछ ट्रेनों पर दिखाई दे रहा है। रेलवे की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

इतवारी-मधुपुर सावन स्पेशल ट्रेन के बेपटरी होने की घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक सुरक्षा और वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर ध्यान खींचा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे इस मामले की जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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