
नई दिल्ली। रेलवे में लंबे समय तक सेवा देने के बाद 30 जून को सेवानिवृत्त हुए हजारों रेलकर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ऐसे कर्मचारियों को अतिरिक्त वार्षिक वेतन वृद्धि यानी इंक्रीमेंट का लाभ देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद संबंधित कर्मचारियों की पेंशन में बढ़ोतरी होगी और उन्हें लंबे समय से लंबित आर्थिक लाभ भी मिल सकेंगे।
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 30 जून को सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के मामलों में ‘नोशनल इंक्रीमेंट’ लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि पेंशन की गणना करते समय उनके अंतिम वेतन में 1 जुलाई को मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि को काल्पनिक रूप से जोड़ा जाएगा। इससे उनकी पेंशन राशि में सुधार होगा।
रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (वेतन आयोग और एचआरएमएस) की ओर से सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (कार्मिक) और मुख्य वित्तीय सलाहकारों को निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि जिन मामलों में अभी तक नोशनल इंक्रीमेंट का लाभ नहीं दिया गया है, उनकी तुरंत जांच कर उन्हें जल्द से जल्द निपटाया जाए।
दरअसल, रेलवे के नियमों के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाला वार्षिक इंक्रीमेंट हर साल 1 जुलाई से लागू होता है। ऐसे कर्मचारी जो 30 जून को अपनी पूरी सेवा अवधि पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हो जाते थे, वे तकनीकी कारणों से इस लाभ से वंचित रह जाते थे। क्योंकि 1 जुलाई को वे सेवा में नहीं रहते थे, इसलिए उनका इंक्रीमेंट नहीं जुड़ पाता था।
इस नियम की वजह से कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की गणना अंतिम वेतन के आधार पर की जाती है। ऐसे में केवल एक दिन के अंतर के कारण कई कर्मचारियों की पेंशन कम निर्धारित हो जाती थी और उन्हें जीवनभर कम पेंशन पर निर्भर रहना पड़ता था।
इस विसंगति को लेकर कई रेलकर्मियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दिशा-निर्देशों के आधार पर रेलवे बोर्ड ने अब इस लाभ को लागू करने का निर्णय लिया है।
नोशनल इंक्रीमेंट के तहत कर्मचारी को वास्तविक रूप से एक दिन की अतिरिक्त सेवा नहीं देनी होगी, लेकिन पेंशन निर्धारण के लिए उसके अंतिम वेतन में 1 जुलाई का इंक्रीमेंट जोड़ा जाएगा। इससे उसकी पेंशन में वृद्धि होगी और सेवानिवृत्ति लाभों की राशि भी दोबारा निर्धारित की जा सकेगी।
रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद संबंधित जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को लंबित मामलों की सूची तैयार करने और उन्हें जल्द पूरा करने को कहा गया है। पात्र कर्मचारियों के पेंशन भुगतान आदेश यानी PPO में संशोधन किया जाएगा। PPO में सुधार के बाद नई पेंशन राशि लागू होगी।
इसके अलावा जिन कर्मचारियों को पहले से कम पेंशन मिल रही थी, उन्हें बकाया एरियर का भुगतान भी किया जाएगा। यह राशि चरणबद्ध तरीके से उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे हजारों पेंशनभोगी रेलकर्मियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे कर्मचारियों के संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह वर्षों से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान है। कर्मचारियों को केवल एक दिन के तकनीकी अंतर के कारण मिलने वाले आर्थिक लाभ से वंचित होना पड़ता था, लेकिन अब न्यायालय के फैसले और रेलवे बोर्ड के आदेश से उन्हें उनका अधिकार मिल सकेगा।
रेलवे बोर्ड का यह निर्णय सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उनकी पेंशन में सुधार होगा, बल्कि लंबे समय से लंबित मामलों का भी समाधान हो सकेगा।





