झारखंड

मैक्लुस्कीगंज में रेलवे ट्रैक पर आंदोलन

Saba Naaz
22 Jun 2026 2:30 PM IST
मैक्लुस्कीगंज में रेलवे ट्रैक पर आंदोलन
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Jharkhand: रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में सोमवार सुबह रेलवे परिचालन उस समय पूरी तरह प्रभावित हो गया जब स्थानीय रैयतों ने नौकरी और उचित मुआवजे की मांग को लेकर राजधर साइडिंग रेलवे लाइन को जाम कर दिया। हेसालौंग गंझूटोला के पास रैयतों ने कोयला रैक रोककर धरना शुरू किया, जिससे पूरे इलाके में रेल और कोयला परिवहन से जुड़ी गतिविधियां ठप हो गईं।

यह आंदोलन रैयत विस्थापित मोर्चा (रैविमो) के बैनर तले चलाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मैक्लुस्कीगंज टू पिपरवार रेलवे लाइन को बाधित करते हुए सुबह करीब छह बजे कोयला लोडिंग के लिए जा रही एक रैक को भी रोक दिया। इसके बाद रेलवे परिचालन पूरी तरह से बंद हो गया। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी नौकरी और मुआवजे की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक रैक का संचालन शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

धरना स्थल पर मौजूद रैयतों ने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों का समाधान केवल आश्वासन से नहीं होगा, बल्कि ठोस कार्रवाई जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

रैयत विस्थापित मोर्चा की रोहिणी करकट्टा ओसीपी शाखा के तहत चल रहे इस आंदोलन में शाखा अध्यक्ष शिवनारायण लोहरा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को जब तक नौकरी और उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से प्रभावित लोग केवल आश्वासनों में भटक रहे हैं।

जानकारी के अनुसार करीब 35 वर्ष पहले नावाडीह, हेसालौंग, गंझूटोला, मायापुर और महुलिया जैसे गांवों की जमीन रेलवे लाइन निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। उस समय कुछ लोगों को नौकरी मिली थी, लेकिन बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार आज भी मुआवजे और रोजगार से वंचित हैं।

रैयतों का कहना है कि कई बार सीसीएल पिपरवार प्रबंधन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें हुईं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। इसी कारण वे आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। फिलहाल धरना जारी है और कोयला रैक तथा रेलवे परिचालन पूरी तरह से बाधित है।

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