झारखंड

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची में आंदोलन जारी

Kavita2
12 Aug 2026 4:10 PM IST
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची में आंदोलन जारी
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झारखंड : सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र-नौजवानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी रांची में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और नौकरियां बेचने के आरोपों को लेकर आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के चलते राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।

छात्र संगठनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का आरोप है कि सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षाओं में लगातार सवाल उठते रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा तभी कायम हो सकता है, जब सरकार कथित धांधली से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी में युवा वर्षों का समय और आर्थिक संसाधन लगाते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य पर सीधा असर डालती है।

रांची में आंदोलन के दौरान छात्र-नौजवानों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि यदि परीक्षा से पहले या परिणाम जारी होने के बाद किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। आंदोलनकारी कथित तौर पर नौकरियां बेचने के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की मांग कर रहे हैं।

छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। राजधानी में जारी प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल किसी एक परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था में विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।

इधर, सरकार के खिलाफ बढ़ते आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को दोपहर बाद बोकारो पहुंचे। मुख्यमंत्री के बोकारो पहुंचने के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि छात्र आंदोलन का मुद्दा राज्य में लगातार चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। विपक्षी दल भी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं और युवाओं की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि झारखंड में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। सीमित पदों के लिए हजारों-लाखों अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितता की स्थिति में मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि भर्ती परीक्षाओं से संबंधित सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।

छात्रों की प्रमुख चिंता परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर है। उनका कहना है कि यदि अभ्यर्थियों को यह भरोसा नहीं रहेगा कि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित होगी और चयन योग्यता के आधार पर होगा, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े होंगे। आंदोलनकारियों ने मांग की है कि परीक्षा से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

JPSC और JSSC झारखंड में सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं। ऐसे में इनसे जुड़ी किसी भी शिकायत का असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर पड़ता है। यही वजह है कि कथित धांधली और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्रों में नाराजगी दिखाई दे रही है।

रांची में आंदोलन जारी रहने के बीच अब सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर है। छात्र-नौजवानों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है और कथित अनियमितताओं की जांच किस स्तर पर होती है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा। आंदोलनकारी फिलहाल अपनी मांगों पर कायम हैं और उनका कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, राज्य में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है। एक ओर छात्र निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के सामने आंदोलन को शांत कराने के साथ-साथ युवाओं के बीच भरोसा कायम करने की चुनौती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बोकारो दौरे के बीच रांची में जारी छात्र आंदोलन ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे को एक बार फिर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलनकारियों के साथ होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं।

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