झारखंड

झारखंड में छात्र प्रदर्शन पर गरमाई सियासत राहुल गांधी ने उठाए सवाल

Ratna Netam
10 Aug 2026 7:28 PM IST
झारखंड में छात्र प्रदर्शन पर गरमाई सियासत राहुल गांधी ने उठाए सवाल
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रांची : झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए झारखंड सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने झारखंड सरकार से अपील की कि वह छात्रों के साथ बातचीत करे और उनकी मांगों को समझने का प्रयास करे। उनका कहना है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग को वह उचित नहीं मानते।
राहुल गांधी ने रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए उनका संदेश स्पष्ट है कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा की वह निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो, यदि वह शांतिपूर्ण है तो उस पर हिंसात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी बल प्रयोग के खिलाफ है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन नहीं करती। राहुल गांधी ने सरकार से आग्रह किया कि वह आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ संवाद स्थापित करे। उनके मुताबिक, छात्रों की समस्याओं को सुनकर और बातचीत के जरिए समाधान निकालना ही लोकतांत्रिक तरीके का सही रास्ता है।
राहुल गांधी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने भविष्य से जुड़े सवाल पूछने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की ओर से बल प्रयोग किया गया। उन्होंने पैलेट गन, कील लगी लाठियों और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।
राहुल गांधी ने दावा किया कि इस कार्रवाई में छात्राओं को भी चोटें आईं और नाबालिग छात्रों के घायल होने की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों का जवाब हिंसा और पुलिस कार्रवाई के जरिए दिया गया। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस मुद्दे पर घेरा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि घटना को लेकर काफी समय बीत जाने के बावजूद गृह मंत्री ने संसद में इस मामले पर जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से चर्चा की मांग की गई, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग भी दोहराई।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई के लिए आदेश किस स्तर से दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि गृह मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई आदेश दिया गया था तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यदि गृह मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी तो यह प्रशासनिक विफलता का मामला है। उन्होंने संसद में इस मुद्दे पर जवाब दिए जाने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। परीक्षा से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं होने से अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ता है और उनका सरकारी भर्ती व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है।
झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़ा छात्र आंदोलन ऐसे समय में तेज हुआ है, जब अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
राहुल गांधी के बयान के बाद झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होने के संकेत हैं। एक ओर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्ष सरकार की कार्रवाई और कथित बल प्रयोग को मुद्दा बना रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत तथा भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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