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New Delhi. नई दिल्ली। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में भी गरमा गया है। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि न प्रधानमंत्री मोदी और न ही गृह मंत्री अमित शाह में इतनी हिम्मत है कि वे संसद में आकर छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर जवाब दें।
न प्रधानमंत्री मोदी, न गृह मंत्री अमित शाह में हिम्मत है कि वो संसद में आकर हमारे छात्रों पर हुई बर्बरता पर जवाब दें।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 10, 2026
भारत के छात्रों के लिए यह एक साफ़ संदेश है - उन्हें नहीं लगता कि आप पर हुई हिंसा उनकी किसी टिप्पणी के भी लायक है। pic.twitter.com/y3Xjh1APud
राहुल गांधी ने देर शाम मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों को यह साफ संदेश दिया जा रहा है कि उनके साथ हुई हिंसा सरकार के लिए संसद में जवाब देने लायक मुद्दा तक नहीं है। उन्होंने इसे छात्रों के अधिकारों और उनकी आवाज को नजरअंदाज करने वाला रवैया बताया।
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन कई दिनों से जारी है। आंदोलन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। छात्रों के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई।
पुलिस कार्रवाई के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है। राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार को छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाब देना चाहिए। राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रों की आवाज सुनना और उनकी समस्याओं पर चर्चा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
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