
Jharkhand: पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड के डुमरचिर पंचायत अंतर्गत मोरियो गांव में गुरुवार को डायरिया फैलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अचानक गांव में 12 से 15 ग्रामीणों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। एक साथ इतने लोगों के बीमार होने की सूचना मिलते ही अमड़ापाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम सक्रिय हो गई और तत्काल गांव में मेडिकल टीम भेजी गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खालिद अहमद के नेतृत्व में डॉक्टरों, आरबीएसके टीम, एमपीडब्ल्यू और एएनएम की संयुक्त टीम जरूरी दवाइयों और सलाइन के साथ मौके पर पहुंची और इलाज शुरू किया गया।
डॉ. खालिद अहमद ने बताया कि सुबह सूचना मिलने के बाद बिना देर किए टीम को गांव रवाना किया गया। गांव में कैंप लगाकर जांच की गई तो 12 से 15 लोगों में डायरिया के लक्षण पाए गए। इसी दौरान जांच में तीन ग्रामीण मलेरिया पॉजिटिव भी मिले, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई। सभी मरीजों को तुरंत ओआरएस, आरएल और डीएनएस जैसी आवश्यक दवाइयां दी गईं तथा सलाइन चढ़ाई गई। शुरुआती इलाज के कुछ घंटों बाद ही मरीजों की स्थिति में सुधार देखा गया और फिलहाल सभी की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया। इसके साथ ही गांव में निगरानी बढ़ा दी गई है और मेडिकल टीम को लगातार कैंप कर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों में सबीना मुर्मू, सुशांति किस्कू, लुखी किस्कू, सांतिना मुर्मू, मरंगबिटी मरांडी, तलामय हांसदा, संतोष किस्कू, पितिज मुर्मू, संजली हांसदा और सनोति किस्कू सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
डॉ. खालिद अहमद और डॉ. नसीम अहमद की देखरेख में टीम लगातार गांव में मौजूद है और मरीजों की स्थिति पर पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से साफ-सफाई बनाए रखने और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने की अपील की है। गौरतलब है कि अमड़ापाड़ा प्रखंड में यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्ष 2024 में बड़ा बास्को गांव में भी डायरिया का बड़ा प्रकोप सामने आया था, जिसमें कई परिवार प्रभावित हुए थे। उस समय भी स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर कैंप लगाकर स्थिति को नियंत्रित किया था।
वर्तमान घटना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि दूषित पानी और खराब भोजन से ऐसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं, इसलिए लोगों को उबला या साफ पानी पीने, ताजा भोजन करने और आसपास सफाई रखने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति में उल्टी-दस्त जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दी गई है।





