
धनबाद। जिले में सरकारी कार्यालयों और योजनाओं की निगरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जिला प्रशासन अब सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सीधे नजर रखने के लिए वीडियो कॉल आधारित मॉनिटरिंग और अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस नई व्यवस्था की शुरुआत 1 अगस्त से होगी। इसके लागू होने के बाद जिले के स्कूलों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत कार्यालयों, राशन दुकानों और अन्य सरकारी संस्थानों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना है। प्रशासन के अनुसार अब किसी भी समय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की जा सकेगी। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का भी ऑनलाइन आकलन किया जाएगा।
नई मॉनिटरिंग प्रणाली के तहत शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, राजस्व विभाग सहित कई अन्य विभागों को शामिल किया जाएगा। स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई की स्थिति, स्कूल की व्यवस्थाओं और जरूरी दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की मौजूदगी, दवाओं की उपलब्धता, बेड की स्थिति, ओपीडी रजिस्टर और लैब सुविधाओं की जांच की जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों की भी वीडियो कॉल के माध्यम से निगरानी होगी। यहां बच्चों की उपस्थिति, पोषाहार वितरण और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा। इसी तरह जन वितरण प्रणाली यानी राशन दुकानों में लाभुकों की मौजूदगी, खाद्यान्न का स्टॉक, वितरण व्यवस्था और रेट चार्ट की जांच की जाएगी।
इस पूरी व्यवस्था को संचालित करने के लिए जिला स्तर पर ई-अनुसमर्थन कोषांग का गठन किया जा रहा है। इसके नोडल पदाधिकारी उप विकास आयुक्त (डीडीसी) होंगे। जिला प्रशासन की ओर से करीब 10 कंप्यूटर युक्त जनसुविधा केंद्र भी तैयार किए जा रहे हैं। इन केंद्रों से जिले के विभिन्न कार्यालयों और योजनाओं की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर लाभुकों का ऑनलाइन सत्यापन भी किया जा सकेगा।
प्रशासन द्वारा तैयार दिशा-निर्देश के अनुसार वीडियो मॉनिटरिंग के दौरान रैंडम तरीके से दो से तीन योजनाओं, कार्यालयों या संस्थानों का चयन किया जाएगा। संबंधित विभागों को इसकी सूचना एक दिन पहले दी जाएगी, ताकि अधिकारी और कर्मचारी तय समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहें। समीक्षा के दौरान संबंधित विभाग के सभी जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
हर सप्ताह शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें योजनाओं की प्रगति, कर्मचारियों की उपलब्धता, कार्य गुणवत्ता, लोगों को मिल रही सुविधाओं और विभागीय कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मनरेगा और अन्य योजनाओं के काम की गुणवत्ता और प्रगति का भी ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी योजना में वित्तीय अनियमितता, घटिया निर्माण, लापरवाही या कार्य में देरी सामने आती है तो संबंधित विभाग को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। साथ ही कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और काम में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करना आसान होगा।
धनबाद प्रशासन की यह पहल डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लाइव मॉनिटरिंग के जरिए प्रशासन अब योजनाओं की जमीनी हकीकत को सीधे देख सकेगा और जरूरत के अनुसार तुरंत निर्णय ले सकेगा। इससे सरकारी सेवाओं का लाभ आम लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचने की उम्मीद है।





