झारखंड

मेले से पहले NHAI की तैयारी

Saba Naaz
27 Jun 2026 4:30 PM IST
मेले से पहले NHAI की तैयारी
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देवघर: श्रावणी मेला 2026 में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर आने वाले देश-विदेश के लाखों शिवभक्तों के लिए इस बार सफर बेहद सुगम और सुरक्षित होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-114A (NH-114A) के बासुकीनाथ-देवघर खंड पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सड़क सुरक्षा को लेकर एक मेगा प्लान तैयार किया है। इस मार्ग पर 45.159 किलोमीटर लंबी फोर-लेन परियोजना का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिससे कांवड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

गाड़ियों से अलग चलेंगे बाबा के भक्त, हादसों का खतरा होगा शून्य

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए NHAI इस रूट पर एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रहा है। एनएचएआई द्वारा बासुकीनाथ-देवघर खंड पर 36.044 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा एक विशेष समर्पित (Dedicated) कांवड़िया पथ विकसित किया जा रहा है। इस ट्रैक के तैयार हो जाने से पैदल चलने वाले कांवड़ यात्रियों और तेज रफ्तार वाहनों का आवागमन पूरी तरह से अलग-अलग हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप सड़क हादसों का खतरा बिल्कुल समाप्त हो जाएगा और मुख्य हाईवे पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से भी हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

जाम से मुक्ति के लिए 5 बड़े बाईपास और फ्लाईओवरों का जाल

कांवड़ियों को शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों के भारी ट्रैफिक से बचाने के लिए इस परियोजना के तहत कुल 28.677 किलोमीटर लंबे बाईपास सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत पांच प्रमुख स्थानों पर बाईपास बनाए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

बासुकीनाथ बाईपास

सहारा बाईपास

तालझारी बाईपास

घोरमारा बाईपास

देवघर बाईपास

इसके साथ ही, स्थानीय वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए जगह-जगह सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज (ROB) और अंडरपास जैसी आधुनिक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है ताकि भारी वाहनों को मुख्य मेले वाले रूट से आसानी से डाइवर्ट किया जा सके।

मेले से पहले गड्ढामुक्त होंगी सड़कें, रात में चमकेगा हाईवे

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, श्रावण मेले की शुरुआत से पहले कांवड़ यात्रा रूट पर विशेष मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। पूरे मार्ग को पूरी तरह से गड्ढामुक्त (Pothole-free) बनाने के साथ-साथ बेहतर जल निकासी (Drainage System) की व्यवस्था की जा रही है। रात के समय सफर करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सड़क पर रिफ्लेक्टिव मार्किंग, सुरक्षा बैरियर, और चमकीले रिफ्लेक्टिव संकेतक (Signages) लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

एनएचएआई का मानना है कि इस फोर-लेन परियोजना और स्पेशल ट्रैक के पूरी तरह तैयार होने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर और प्रसिद्ध त्रिकूट पर्वत जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि संताल परगना के क्षेत्रीय पर्यटन, स्थानीय छोटे-बड़े व्यापारियों, होटल व्यवसाय और समग्र आर्थिक गतिविधियों को भी एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

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